अयोध्या निकाय चुनाव: 2017 जैसा ही मैदान, 41 गांव व बढ़े 1.33 लाख वोट कराएंगे घमासान
अयोध्या, अमृत विचार। नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को महज कुछ ही दिन शेष हैं। जैसे-जैसे दिन घट रहे हैं, प्रत्याशियों की धड़कनें भी तेज हो गईं हैं। प्रत्याशी मतदाताओं को सहेजने के लिए लगातार जनसंपर्क करने में जुटे हैं। अयोध्या नगर निगम क्षेत्र की जनता दूसरी बार महापौर चुनने के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी।
खास बात यह है कि इस बार भी नगर निगम का चुनावी अखाड़ा 2017 चुनावी मैदान जैसा ही सजा है। पिछले चुनाव में 3 निर्दल उम्मीदवार समेत कुल 9 प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे और 2023 के चुनाव में भी 3 निर्दल समेत कुल 9 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। अंतर बस इतना है कि नगर निगम 41 गांवों के शामिल होने के बाद मतदाताओं की संख्या पिछली बार की अपेक्षा 1,33,385 बढ़ गई हैं, जो चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
2023 नगरीय निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं को सहेजने के लिए प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क करने में जुटे हुए हैं। नगर निगम अयोध्या के लिए दूसरी बार हो रहे चुनाव में महापौर पद के लिए इस बार कुल 9 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं, जिसमें 3 निर्दल प्रत्याशी भी शामिल हैं।
जनता की कसौटी पर खरा उतरने का दावा कर रहे सभी प्रत्याशियों में से बेहतर महापौर चुनने के लिए इस बार 3,32,290 मतदाता 11 मई को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिसमें पुरुष मतदाता की संख्या 174975 जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 157315 है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दर्शाए गए आंकड़ों के अनुसार 2017 के निकाय चुनाव में नगर निगम क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 198905 थी, जो इस बार 1,33,385 बढ़कर 3,32,290 हो गई है।
2017 में सपा को छोड़ सभी की जमानत हुई थी जब्त
राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश की वेबसाइट पर दर्शाए गए आंकड़ों में 2017 में पहली बार हुए नगर निगम अयोध्या के चुनाव में 09 उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में उतरे थे। 2017 के नगर निगम चुनाव में भाजपा से चुनाव लड़ रहे ऋषिकेश उपाध्याय ने प्रथम मेयर के रूप में जीत दर्ज की थी। दूसरे नंबर रही समाजवादी पार्टी से गुलशन बिंदु को छोड़ अन्य सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
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