मुरादाबाद: 17 घंटे बाद गांगन नदी से निकाले गए दो भाइयों के शव
मुरादाबाद, अमृत विचार। मछली पकड़ने के चक्कर में गांगन नदी में डूबे दो सगे भाइयों के शव 17 घंटे बाद नदी से निकाल लिए गए हैं। शव निकलते ही एक बार फिर परिजनों में कोहराम मच गया। किसी तरह परिजनों को समझाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। हादसा शनिवार को मझोला थाना …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मछली पकड़ने के चक्कर में गांगन नदी में डूबे दो सगे भाइयों के शव 17 घंटे बाद नदी से निकाल लिए गए हैं। शव निकलते ही एक बार फिर परिजनों में कोहराम मच गया। किसी तरह परिजनों को समझाकर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। हादसा शनिवार को मझोला थाना क्षेत्र में गांगन की मैनाठेर में नदी किनारे हुआ।
मंडी समिति के पीछे एकता कालोनी पैपटपुरा निवासी रविंद्र राजमिस्त्री का काम करते हैं। उनके दो बेटे शिवम (18वर्ष) और गौरव (17वर्ष) एक निजी स्टील फैक्ट्री में छिलाई का काम करते थे। लाकडाउन के कारण शनिवार को फैक्ट्री बंद होने के बाद शिवम व गौरव अपने छोटे भाई अमन (13वर्ष) के साथ गांगन नदी में मछली पकड़ने गए थे।
– मछली पकड़ने के दौरान शनिवार को नदी में डूब गए थे दो सगे भाई
– गाजियाबाद से आई एसडीआरएफ की मौजूदगी में चला रेस्क्यू आपरेशन
– घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर मिले दोनों के शव
– शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रो कर हुआ बुरा हाल
बताते हैं कि करीब साढ़े तीन बजे मछली पकड़ने के दौरान पैर फिसलने के कारण गौरव गहरे पानी में गिर गया। उसे बचाने के प्रयास में शिवम भी नदी में कूद गया और चंद सेकेंड में दोनों गहरे पानी में समा गए। अमन ने शोर मचाया तो ग्रामीण मौके पर आ गए। सूचना मिलने पर रविंद्र कुमार और उसकी पत्नी वैशाली भी रिश्तेदारों के साथ रोते-बिलखते मौके पर पहुंची।
पुलिस ने एक्सपर्ट और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की लेकिन करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद भी सफलता नहीं मिली। दोनों की तलाश के लिए स्थानीय अफसरों ने गाजियाबाद की एसडीआरएफ की टीम से संपर्क किया।
रविवार की सुबह छह बजे टीम की मौजूदगी में दोबारा सर्च आपरेशन चलाया गया। इस दौरान परिजनों के अलावा आसपास के सैकड़ों ग्रामीण भी नदी किनारे मौजूद रहे। करीब साढ़े आठ बजे गौरव का शव बरामद हुआ। इसके करीब आधे घंटे बाद शिवम का शव नदी से निकाल लिया गया। बताया जाता है कि जहां हादसा हुआ उससे चंद कदम की दूरी पर ही शव पानी के नीचे मिट्टी में दबे थे। मां वैशाली बेटों के शव देखकर बेहोश हो गई।
अन्य परिजनों का भी रो-रो कर बुरा हाल हो गया। किसी तरह समझाने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे। शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की टीम ने भी परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
