उपराष्ट्रपति धनखड़ पहुंचे लंदन, King Charles III के राज्याभिषेक समारोह में होंगे शामिल
ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय राज्याभिषेक में अपने नाना जॉर्ज-षष्टम की गद्दी पर बैठेंगे
लंदन। ब्रिटेन के नए महाराज चार्ल्स तृतीय का शनिवार को वेस्टमिंस्टर एबे में औपचारिक राज्याभिषेक होगा जिसमें शामिल होने के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शुक्रवार को लंदन पहुंचे। धनखड़ के साथ उनकी पत्नी डॉ.सुदेश धनखड़ भी आई हैं और ब्रिटेन के नए शासक की ऐतिहासिक ताजपोशी में करीब 100 देशों के राज्याध्यक्षों या शासनाध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।
उपराष्ट्रपति कार्यालय ने ट्वीट किया, माननीय उपराष्ट्रति जगदीप धनखड़ और डॉ.सुदेश धनखड़, महामहिम महाराज चार्ल्स तृतीय के राज्याभिषेक समारोह में शामिल होने के लिए लंदन पहुंचें। उपराष्ट्रपति के लंदन पहुंचने के साथ ही अन्य राष्ट्रमंडल देशों के नेताओं के साथ लंदन स्थित मालबोरो हाउस में होने वाली चर्चा में उनके शामिल होने की उम्मीद है जिसका आयोजन राष्ट्रमंडल मंत्री बोरोनेस पैट्रिसिया स्कॉटलैंड ने की है। यह धनखड़ के लिए पहला अवसर होगा जब वह ब्रिटेन के 74 वर्षीय महाराज से एबे में होने वाले राज्याभिषेक से पहले मिलेंगे।
Hon’ble Vice President, Shri Jagdeep Dhankhar & Dr. Sudesh Dhankhar arrived to a warm welcome in London to attend the Coronation Ceremony of H.M. King Charles III. @MEAIndia pic.twitter.com/lLum8WGKyh
— Vice President of India (@VPIndia) May 5, 2023
उपराष्ट्रपति को बकिंघम पैलेस द्वारा विभिन्न राज्याध्यक्षों, नेताओं और अन्य अधिकारियों के लिए शुक्रवार की शाम को आयोजित स्वागत समारोह में भी आमंत्रित किया गया है जिसकी मेजबानी स्वयं महाराज चार्ल्स तृतीय करेंगे। धनखड़ के शुक्रवार शाम को भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ संवाद करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं और लोकतंत्र, कानून के शासन सहित कई मूल्यों को साझा करते हैं।’’ मंत्रालय ने उपराष्ट्रपति के दो दिवसीय ब्रिटेन यात्रा के संदर्भ में कहा, भविष्य के संबंधों को लेकर अंगीकार किए गए मसौदा 2030 के तहत दोनों देशों के संबंध वर्ष 2021 में विस्तृत रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंच गए हैं। गौरतलब है कि भारत की राष्ट्राध्यक्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पिछले साल सितंबर में ब्रिटेन की यात्रा की थी और दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होकर भारत की ओर से संवेदनाएं व्यक्त की थीं।
ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय राज्याभिषेक में अपने नाना जॉर्ज-षष्टम की गद्दी पर बैठेंगे
ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स तृतीय के शनिवार को यहां एबे वेस्टमिंस्टर में होने वाले अपने ऐतिहासिक राज्याभिषेक के दौरान उस गद्दी पर बैठेंगे, जिसका इस्तेमाल 86 वर्ष पहले उनके नाना जॉर्ज-षष्टम की ताजपोशी के समय किया गया था। शाही परंपरा के अनुसार एबे में राज्याभिषेक के विभिन्न चरणों के दौरान पारंपरिक गद्दियों और सिंहासनों का उपयोग किया जाता है।
राज्याभिषेक के दौरान महाराजा चार्ल्स और उनकी पत्नी महारानी कैमिला अलग-अलग क्षणों में ‘सेंट एडवर्ड्स चेयर’, ‘चेयर्स ऑफ स्टेट’ और ‘थ्रोन चेयर्स’ पर बैठेंगे। ‘थ्रोन चेयर्स’ का इस्तेमाल 12 मई, 1937 को किंग जॉर्ज षष्टम और महारानी एलिजाबेथ के राज्याभिषेक के लिए किया गया था। बकिंघम पैलेस ने कहा, “शाही जोड़े ने पारंपरिक वस्तुओं के महत्व को बरकरार रखते हुए पिछले राज्याभिषेकों में इस्तेमाल हुईं ‘चेयर्स ऑफ एस्टेट’और ‘थ्रोन चेयर्स’ को चुना है। इन्हें आवश्यकतानुसार संरक्षित, पुनर्स्थापित और अनुकूलित किया गया है।” ‘चेयर्स ऑफ द स्टेट’ का निर्माण 1953 में किया गया था और उसी साल दो जून को महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के राज्याभिषेक के दौरान इसका इस्तेमाल किया गया था। ‘सेंट एडवर्ड्स चेयर’ का निर्माण 700 साल पहले किया गया था और महाराजा एडवर्ड द्वितीय के राज्याभिषेक के दौरान इसका इस्तेमाल किया गया था। राज्याभिषेक के बाद चार्ल्स इसी गद्दी पर बैठेंगे।
