बरेली: पत्नी ने बेटी को जेवर देने के लिए रची थी सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर के घर फर्जी लूट की कहानी
बरेली, अमृत विचार। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में रिटायर्ड बैंक मैनेजर के घर लूट की घटना फर्जी निकली। इस मामले की जांच में पुलिस ने पाया कि रिटायर्ड बैंक मैनेजर की बुजुर्ग पत्नी ने ही कूटरचित ढंग से लूट की वारदात दिखाने की कोशिश की थी। जबकि उसने खुद ही अपने परिवार के जेवर-गहने नोएडा में रहने वाले अपनी बेटी-दामाद को दे दिए थे।
जिनके बारे में अपने रिटायर बैंक मैनेजर पति को न पता चले, इसके लिए लूट की कूटचरित वारदात को रंग देने का प्रयास किया गया। लेकिन पुलिस ने जांच-पड़ताल में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। जांच में पाया है कि आरोपी बुजुर्ग महिला खुद को और दिव्यांग बेटे को अपनी बेटी से बंधक बनवा लिया था।
दरअसल, प्रेमनगर थाना क्षेत्र में बीडीए कॉलोनी निवासी राजेश्वर दयाल सिंह रिटायर्ड बैंक मैनेजर हैं, जिनके परिवार में पत्नी और एक दिव्यांग बेटा है। राजेश्वर दयाल रोजाना की तरह गुरुवार रात भी मकान की पहली मंजिल पर कमरे में सो रहे थे। वहीं उनकी पत्नी माया देवी और दिव्यांग बेटा मकान में नीचे ही सो रहे थे। वहीं अलगे दिन शुक्रवार सुबह रोजाना की तरह राजेश्वर दयाल सिंह टहलने के लिए छत से उतरकर नीचे आए, तो देखा कि घर का दरवाजा खुला पड़ा है। जिस पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने अपनी पत्नी के कमरे का दरवाजा भी बाहर से बंद पाया।
जब रामेश्वर दयाल ने अपनी पत्नी का कमरा खोलकर देखा, तो उसमें पत्नी माया और दिव्यांग बेटा बेहोशी की हालत में बंधे पड़े थे। जिसकी जानकारी उन्होंने तत्काल पुलिस और पवन विहार में रहने वाले अपने रिश्तेदार को दी। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल शुरू की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
जिसमें पुलिस ने पाया कि लूट की घटना फर्जी है। जो किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि रिटायर्ड बैंक मैनेजर की पत्नी ने ही रची थी। जिसमें उसने अपने परिवार के जेवर-गहने नोएडा में रहने वाले अपनी बेटी-दामाद को दे दिए थे। वहीं अपने पति से छिपाने के लिए फर्जी लूट की कहानी गढ़ दी। हालांकि पुलिस ने इसका पर्दाफाश कर दिया है। वहीं आरोपी महिला के बुजुर्ग होने की चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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