उप्र: बिजली व्यवधान मामले में उपभोक्ता परिषद का आरोप, झूठे जवाब दिए बिजली कंपनियों ने

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। बीते दिनों स्मार्ट मीटर बिजली कनेक्शन व्यवधान मामले में बिजली कंपनियों ने आयोग में जवाब दाखिल कर दिया। कंपनियों की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि 95 प्रतिशत स्मार्ट मीटर विद्युत उपभेाक्ताओं की बिजली छह घण्टे में चालू कर दी गयी थी और अगले 12 घण्टे में 98 प्रतिशत और 24 …

लखनऊ। बीते दिनों स्मार्ट मीटर बिजली कनेक्शन व्यवधान मामले में बिजली कंपनियों ने आयोग में जवाब दाखिल कर दिया। कंपनियों की ओर से दिए गए जवाब में बताया गया कि 95 प्रतिशत स्मार्ट मीटर विद्युत उपभेाक्ताओं की बिजली छह घण्टे में चालू कर दी गयी थी और अगले 12 घण्टे में 98 प्रतिशत और 24 घण्टे के अन्दर सभी 100 प्रतिशत उपभोक्ताओं की बिजली चालू हो गयी थी। सिर्फ एक उपभोक्ता की बिजली दरवाजा बंद होने के चलते नहीं सुचारू हो सकी थी।

कंपनियों के इस जवाब को उपभोक्ता परिषद ने झूठा करार दिया है। उपभेाक्ता परिषद ने कहा कि राजधानी लखनऊ में ही कई उपभोक्ताओं की बिजली चार दिन बाद जोड़ी गई। कई उपभोक्ताओं की बिजली ऊर्जा मंत्री द्वारा प्रमुख सचिव ऊर्जा को लिखे पत्र में भी स्पष्ट उल्लेख कि 16 अगस्त तक बंद थी। बिजली कम्पनियों का जवाब हास्यापद, दोनों जांच समितियों की रिपोर्ट अभी भी है लम्बित का हवाला देकर बिजली कम्पनियां उपभोक्ताओं का मुआवजा हड़पने की कोशिश कर रही हैं।

जनमाष्टमी के दिन लाखों स्मार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली ईईएसएल, एलएनटी व पावर कारपोरेशन की उदासीनता के चलते बंद हो गई। जिसके बाद विद्युत नियामक आयोग द्वारा सभी बिजली कम्पनियों को विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत नोटिस दिया गया।

रविवार की देर शाम कंपनियों की ओर से भेजे गए जवाब कहा गया कि न तो विद्युत वितरण संहिता, 2005 का उलंघन हुआ और न ही स्टैण्डर्ड आफ परफारमेन्स के किसी नियम का। कंपनियों के मनगढंत जवाब का पता चलते ही उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने विद्युत नियामक आयोग में एक जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर बिजली कम्पनियों द्वारा आयोग को गुमराह करने का आरोप लगाया है। सभी स्मार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ताओं को स्टैण्डर्ड आफ परफारमेन्स के तहत मुआवजा देने की मांग उठायी है।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बिजली कम्पनियों पर करारा हमला बोलते हुये कहा कि बिजली कम्पनियों ने आयोग में हर एक स्मार्ट मीटर विद्युत उपभोक्ता की बिजली कब जुडी का लेखा जोखा तो दे दिया और उसमें यह भी लिखा कि केवल एक उपभोक्ता की बिजली इसलिये नहीं जुड़ सकी। उसका मकान बंद था लेकिन उन्हें पता होगा कि उपभोक्ता परिषद ने राजधानी लेसा में ही 4 दिनों से बंद पड़े समार्ट मीटर उपभोक्ता की बिजली प्रबन्ध निदेशक मध्यांचल से बात कर जुड़वायी थी।

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