Kanpur से लूट कर भाग जाते थे Lucknow, बाइक की नंबर प्लेट भी बदल देते, पुलिस ने दो लुटेरों को दबोचा
कानपुर पुलिस ने लूट के दो आरोपियों को दबोचा।
कानपुर की नौबस्ता पुलिस ने लूट के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कानपुर, लखनऊ, आजमगढ़ व हरदोई में चेन लूट की वारदात को अंजाम देने की बात कबूली।
कानपुर, अमृत विचार। शहर में कई लूट की वारदातों को अंजाम देकर दहशत फैलाने वाले दो लुटेरों को पुलिस ने यशोदा नगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान लुटेरों ने आधा दर्जन से अधिक वारदातें स्वीकार की है। आरोपी शहर में घटनाओं को अंजाम देने के बाद लूटी हुई चेनें अन्य जनपदों में जाकर बेचतें थे। पकड़े गए आरोपी में एक आरोपी लखनऊ जनपद से हिस्ट्रीशीटर है।
पिछले करीब दो माह से शहर में लुटेरों का गिरोह सक्रिय था, जो तमंचे के बल पर चेन लूट की घटनाओं को अंजाम देता था। लुटेरों ने करीब दो माह में नौबस्ता, बाबूपुरवा, नजीराबाद समेंत करीब आधा दर्जन क्षेत्रों में लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था। लूट की घटनाओं के रोकथाम के लिए नौबस्ता पुलिस थाने समेत एसीपी नौबस्ता की टीम को लगाया गया था।
शनिवार को नौबस्ता पुलिस ने दो लुटेरों को यशोदा नगर स्थित प्रताप होटल के पास से दबोचा। पकड़े गए अपना नाम लखनऊ निवासी राजेश कुमार व आजमगढ़ निवासी विजय कुमार बताया। एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने बताया कि लुटेरे मोटर साइकिल की नंबर प्लेट बदल कर घटनाओं को अंजाम देते थे। घटना को अंजाम देने के बाद लुटेरे शहर छोड़ कर अन्य जनपद फरार हो जाते थे। उन्होंने बताय कि आरोपी राजेश कुमार के खिलाफ लखनऊ में दो गैंगस्टर एक्ट के मुकदमों समेत करीब 23 मुकदमें पंजीकृत है।
दूसरे आरोपी विजय कुमार के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में आठ मुकदमें पंजीकृत हैं। आरोपी अलग-अलग जनपदों की नंबर प्लेटों का घटनाओं में प्रयोग करते थे। पुलिस को आरोपियों के पास से दो नंबर प्लेट, 53 हजार रुपये नकद, दो चेन व एक चेन का टुकड़ा, तमंचा व दो कारतूस बरामद किए है। पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम को 50 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
कैटरिंग का काम करते थे लुटेरे
पूछताछ में लुटेरे राजेश कुमार व विजय ने बताया कि वह कैटरिंग का काम करते थे। हरदोई में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों की आपस में मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनो में दोस्ती हो गई। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने चोरी की एक मोटर साइकिल खरीद कर लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए शहर आते थे। लूट की घटनाओं को अंजाम देने के बाद आरोपी लखनऊ व आजमगढ़ में राह चलते लोगों को माल बेंच कर आपस में बंटवारा कर लेते थे।
