रायबरेली: बिना नोटिस घर गिरवाने जेसीबी संग पहुंचे तहसीलदार से भिड़े ग्रामीण, जमकर हुई नोकझोंक, जानें पूरा मामला

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जगतपुर, रायबरेली, अमृत विचार। गंगा एक्सप्रेस वे के बीचो-बीच आ रहे घरों को गिराने के लिए ऊंचाहार तहसीलदार, लेखपाल व जेसीबी के साथ ओम नगर पहुंचे। जहां पर बिना नोटिस के ही मकान गिराने लगे। जिसको लेकर तहसीलदार से ग्रामीणों व ग्राम प्रधान की जमकर नोकझोंक हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। 

मंगलवार को जगतपुर के ओम नगर में ऊंचाहार तहसीलदार अजय गुप्ता, क्षेत्रीय लेखपाल पुष्पेंद्र सोनकर व लेखपाल पंकज वर्मा अपने साथ जेसीबी मशीन लेकर ओम नगर पहुंचे। जहां पर गंगा एक्सप्रेस वे के बीचोबीच आ रहे लगभग पंद्रह घरों को गिराने की कार्रवाई शुरू की। जिसमें जेसीबी ने जैसे ही अमिताभ द्विवेदी का घर गिराने लगी। वैसे ही आसपास के घरों में मौजूद लोगों ने इस बात का विरोध किया। 

जिसको लेकर तहसीलदार व लोगों में नोकझोंक होने लगी। राकेश कुमार तिवारी, सुशील कुमार, कमल किशोर, मातादीन, सुरेश,  सचिन तिवारी, शिवम, आदित्य तिवारी, सुशील मिश्रा, प्रदीप त्रिवेदी, शिव प्रसाद तिवारी, राजाराम पटेल, पवन अग्रहरि, सूरज अग्रहरि, कमल पटेल, ग्राम प्रधान इंद्रजीत पांडे ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा बिना नोटिस दिए ही जबरन घर गिराने आ गए। 

गंगा एक्सप्रेस वे की चपेट में आने वाले गृह स्वामियों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। जब इस बात का विरोध किया तो तहसीलदार द्वारा ग्राम प्रधान का कालर पकड़कर गाली गलौज की गई और औकात दिखाने की बात कही। वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थानीय लोगों को शांत कराया। ऊंचाहार तहसीलदार अजय गुप्ता ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे द्वारा भूमि अधिग्रहण किया गया है।जिसको लेकर मकानों को गिरवाया जा रहा है। 

तहसीलदार ने कहा कि ग्राम प्रधान झूठ बोल रहे हैं। किसी का कालर नहीं पकड़ा गया है, ना ही गाली गलौज की गई है। उधर जिला पंचायत सदस्य राकेश सिंह राना ने प्रशासन की इस कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताते हुए कहा कि बिना मुआवजा और पूर्व सूचना के किसी का घर तोड़ना मानवता के विपरीत है। मैं इसकी निंदा करता हूं।

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