बरेली: प्रयोगात्मक परीक्षाओं के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन

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बरेली,अमृत विचार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने स्नातक प्रथम, द्वितीय और परास्नातक प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षाओं का विरोध किया है। मंगलवार को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और कुलपति को मांग पत्र सौंपा है। छात्रनेताओं ने कहा कि जब अंतिम वर्ष को छोड़ बाकी छात्रों को …

बरेली,अमृत विचार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने स्नातक प्रथम, द्वितीय और परास्नातक प्रथम वर्ष की प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षाओं का विरोध किया है। मंगलवार को महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और कुलपति को मांग पत्र सौंपा है।

छात्रनेताओं ने कहा कि जब अंतिम वर्ष को छोड़ बाकी छात्रों को बिना परीक्षा प्रोन्नत किया जा रहा है, तो प्रैक्टिकल-वायवा क्यों कराए जा रहे। यह परीक्षाएं रद की जाएं। इसके साथ ही प्रवेश परीक्षा की तिथि बढ़ाने, छात्रावासों का शुल्क न लिए जाने की मांग की है। कुलपति के साथ बातचीत में छात्रनेताओं ने क्रीड़ा शुल्क, सांस्कृतिक और साइकिल स्टैंड के शुल्क को अवैध बताते हुए इस पर रोका मुद्दा उठाया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कुलपति को पौधा भेंट कर उनका स्वागत भी किया। इसलिए क्योंकि नवागत कुलपति से उनकी पहली भेंट थी।

इस दौरान महानगर मंत्री गौरव यादव, अनिल गंगवार, अभिषेक चौहान, रवि प्रताप सिंह, रजत प्रताप सिंह, कमल गुप्ता, अनिकेत शर्मा, पवन राजपूत, अविनाश मिश्रा, सौरभ, अमन सिंह, दिव्यांशु, शिवांकुर मिश्रा, रचित मिश्रा आदि रहे।

एप्लाइड शब्द हटाया जाए
एबीवीपी ने कैंपस में संचालित एमएससी, एमए पाठ्यक्रमों के नाम से एप्लाइड शब्द हटाने की मांग फिर रखी है। हालांकि कार्यपरिषद द्वारा एप्लाइड शब्द हटाने पर मुहर लगाई जा चुकी है। राजभवन से इस पर अंतिम निर्णय होना है। एबीवीपी के संगठन मंत्री राहुल चौहान ने कहा कि अभी भी कई संस्थाएं एप्लाइड कोर्स की डिग्री धारकों को नौकरी के योग्य नहीं मान रही हैं। कुलपति ने एबीवीपी द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर विचार का आश्वासन दिया है।

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