हिरोशिमा में मोदी और सुनक ने की द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों की समीक्षा 

हिरोशिमा में मोदी और सुनक ने की द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों की समीक्षा 

हिरोशिमा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष ऋषि सुनक के साथ बातचीत के दौरान भारत-ब्रिटेन एफटीए वार्ता में प्रगति सहित द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की। मोदी ने जापान के हिरोशिमा शहर में जी7 देशों के शिखर सम्मेलन से इतर सुनक से मुलाकात की। इस दौरान, दोनों नेताओं ने व्यापार एवं निवेश और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे व्यापक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर सहमति भी जताई। 

विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया, “व्यापक रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिरोशिमा में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ सार्थक बातचीत की। दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन के बीच एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता) से जुड़ी वार्ताओं में हुई प्रगति का जायजा लेने के साथ-साथ द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की।” 

मंत्रालय ने कहा कि मोदी और सुनक ने व्यापार एवं निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा और लोगों से लोगों के बीच संबंधों जैसे व्यापक क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। भारत और ब्रिटेन पिछले साल जनवरी से एफटीए पर बातचीत कर रहे हैं, जिसका मकसद एक ऐसे व्यापक समझौते पर सहमति बनाना है, जिससे दोनों देशों के बीच 2022 में अनुमानित 34 अरब पाउंड के द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। 

दोनों देशों के बीच भारत-ब्रिटेन एफटीए के नौवें दौर की वार्ता पिछले महीने कई नीतिगत क्षेत्रों में विस्तृत चर्चा के साथ संपन्न हुई। 

हाल ही में एफटीए के लिए ब्रिटेन के मुख्य वार्ताकार हरजिंदर कांग को मुंबई में दक्षिण एशिया में देश का नया व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत का उप उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है। ब्रिटिश सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत 2022 की तीसरी तिमाही के अंत में बीती चार तिमाहियों में ब्रिटेन का 12वां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था। 

दोनों देशों के बीच हुआ व्यापार ब्रिटेन के कुल व्यापार का 2.1 प्रतिशत था। बातचीत से पहले मोदी और सुनक ने एक-दूसरे को गले लगाया। मोदी अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के निमंत्रण के बाद जी7 शिखर सम्मेलन के तीन सत्रों में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को हिरोशिमा पहुंचे थे।  

ये भी पढ़ें- पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सैन्य चौकी पर हमला, तीन सैनिकों की मौत, एक आतंकवादी भी मारा गया