मुरादाबाद : आठ सचिवों के वेतन आहरण पर रोक, 18 को नोटिस
लापरवाही : वित्तीय वर्ष 2022-23 में मिली धनराशि अब तक नहीं कर पाए खर्च, 62 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अधूरे, ग्राम प्रधानों को भी चेतावनी
मुरादाबाद, अमृत विचार। विकास कार्यों में लापरवाही पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने आठ पंचायत सचिवों के वेतन आहरण पर रोक लगा दी है। जबकि 18 पंचायत सचिवों का स्पष्टीकरण तलब किया है। संबंधित ग्राम प्रधानों को भी वित्तीय अधिकार सीज करने की चेतावनी दी गई है। डीपीआरओ की इस कार्रवाई से ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों में खलबली मची हुई है।
जनपद की 62 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जो वित्तीय वर्ष 2022-23 में विकास कार्य के लिए मिली 26 करोड़ 11 लाख की धनराशि अब तक खर्च नहीं कर पाए। मूंढापांडे विकासखंड की 11, ठाकुरद्वारा की छह, मुरादाबाद की सात, कुंदरकी की नौ, भगतपुर टांडा की नौ, बिलारी की चार, छजलैट की पांच व डिलारी विकास खंड की 11 ग्राम पंचायतों को यह धनराशि पिछले वित्तीय वर्ष में अवमुक्त की गई थी। लेकिन, वित्तीय वर्ष बीत जाने के बाद भी धनराशि का सदुपयोग नहीं किया गया। अब तक सिर्फ 14 करोड़ 84 लाख रुपये ही ग्राम पंचायतें खर्च कर पाई हैं। अभी भी 11 करोड़ 27 लाख रुपये की धनराशि शेष बची है।
संबंधित ग्राम पंचायतों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी अभय कुमार यादव शिकायत संबंधित ग्राम प्रधान और पंचायत सचिवों के साथ बैठक कर मामले की जानकारी की। लेकिन, आठ पंचायत सचिवों ने गोलमोल जवाब दिया। कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। लिहाजा जिला पंचायत अधिकारी ने इन आठ पंचायत सचिवों के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
जबकि 18 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर उनका स्पष्टीकरण मांगा है। ग्राम प्रधानों को भी भविष्य में विकास कार्यों की सूचना न देने पर उनके वित्तीय अधिकार सीज करने की चेतावनी दी गई है। डीपीआरओ ने लापरवाह पंचायत सचिवों को चेतावनी दी गई है यदि इस माह के अंत तक विकास कार्य पूर्ण नहीं होते हैं तो संबंधित पंचायत सचिवों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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