लखीमपुर-खीरी: दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन मैलानी में बाघिन की मौत

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मौत से पूर्व रामपुर डकरिया गांव में एक गाय का किया था शिकार

पलियाकलां, अमृत विचार। दुधवा टाइगर रिजर्व की बफर जोन मैलानी रेंज के गांव रामपुर डकरिया  में घुसी एक बाघिन गाय का शिकार करने के बाद स्वयं भी मर गई। सूचना मिलते ही अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं डीटीआर के फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर, डीएफओ बफर जोन सुंदरेष, डीटीआर उपनिदेशक डा रंगा राजू टी सहित अनेक अधीनस्थ वनाधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने उसका निरीक्षण किया। पश्चात बाघिन के शव को पोस्टमार्टम के लिए आरवीआरआई बरेली भेज दिया गया।

डीटीआर के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने इस संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि आज प्रातः 2:00 बजे मैलानी रेंज के रामपुर डकरिया गांव में बाघ द्वारा गाय का शिकार किए जाने की सूचना मैलानी रेंज ऑफिसर को मिली। इसके पश्चात रेंज आरआरटी ​​मौके पर पहुंचे और निगरानी शुरू कर दी। सुबह-सुबह हमारे पशु चिकित्सक और डीएफओ सुंदरेश भी मौके पर पहुंच गये। सुबह साढ़े पांच बजे के करीब बाघ की हरकत दिखाई दी। बाद में उसकी गति कम हो गयी और अंततः 10:35 बजे बाघिन की मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद उसके शव को आगे की जांच के लिए मैलानी रेंज में स्थानांतरित कर दिया गया।

उन्होंने आगे बताया कि पशु चिकित्सक के साथ शव की प्रारंभिक जांच पर,ऐसा प्रतीत हुआ है कि यह अवैध शिकार व जहर का मामला नहीं है, क्योंकि जहर के कोई संकेत नहीं मिले हैं, यहां तक ​​कि अवैध शिकार का भी मामला नहीं है, क्योंकि बाघ के सभी अंग बरकरार हैं।

प्रारंभिक जांच में पाया गया  कि इसके कैनाइन खराब हो गए और क्लावास का सिरा भी क्षतिग्रस्त हो गया। जर्जर शरीर वाली बाघिन के  पेट पर दो जगह घाव अवश्य दिखे हैं और  पंजे में एक स्थान पर चोट है , एक दांत भी टूटा हुआ मिला है।आगे की जांच और पोस्ट मार्टम के लिए बाघिन का शव आईवीआरआई  बरेली भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मादा बाघ की मौत की सही जानकारी मिल सकेगी। मरने वाली बाघिन की उम्र लगभग 2 साल बताई गई है ।

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