वाशिंगटन: पुलिस की बर्बरता, नस्लवाद के खिलाफ हजारों लोगों का विरोध प्रदर्शन

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वाशिंगटन। साल की शुरुआत में कोविड-19 महामारी की चपेट में आने के बाद से अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में साल का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन करते हुए हजारों लोग सड़कों पर उतरे। ये विरोध पुलिस की बर्बरता और नस्लवाद के खिलाफ रहा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लिंकन मेमोरियल में कई वक्ताओं ने प्रदर्शनकर्ताओं …

वाशिंगटन। साल की शुरुआत में कोविड-19 महामारी की चपेट में आने के बाद से अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. में साल का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन करते हुए हजारों लोग सड़कों पर उतरे। ये विरोध पुलिस की बर्बरता और नस्लवाद के खिलाफ रहा।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, लिंकन मेमोरियल में कई वक्ताओं ने प्रदर्शनकर्ताओं को संबोधित किया। लोगों ने अमेरिकी नागरिक अधिकार के आइकन मार्टिन लूथर किंग जूनियर की प्रसिद्ध ‘आई हैव अ ड्रीम’ भाषण की 57 वीं वर्षगांठ पर प्रदर्शन किया।

वहीं इस प्रदर्शन को ‘कमिटमेंट मार्च: गेट योर नी ऑफ अवर नेक्स’ नाम दिया गया, जो कि 23 अगस्त को विस्कॉन्सिन में 29 वर्षीय अश्वेत व्यक्ति जैकब ब्लेक और 25 मई को मिनियापोलिस में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के मद्देनजर किया गया थाा। इन दोनों की हत्याएं पुलिस के हाथों हुईं हैं।

फ्लॉयड की मौत एक श्वेत पुलिस अधिकारी द्वारा उसकी गर्दन को नौ मिनट तक अपने घुटने के बीच दबाए रखने कारण हुई थी और इसने पूरे अमेरिका में विरोध और सामाजिक अशांति पैदा कर दी थी। इसी तरह केनोसा शहर में एक गोरे पुलिस अधिकारी ने ब्लैक को सात बार गोली मारी जिसने यहां विरोध और हिंसा को भड़का दिया।

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