Odisha Train Accident: ओडिशा की तरह कानपुर भी थर्रा गया था ट्रेन हादसे से, 2012 से अब तक आठ बड़ी दुर्घटनाएं हुईं

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Edited By Amrit Vichar
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ओडिशा की तरह कानपुर भी थर्रा गया था ट्रेन हादसे की खबर से।

ओडिशा की तरह कानपुर भी थर्रा गया था ट्रेन हादसे की खबर से। 2012 से अब तक आठ बड़ी दुर्घटनाएं हुईं।

कानपुर, [महेश शर्मा]। ओडिशा के बालासोर ट्रेन दुर्घटना में हुईं करीब 280 मौतों और 900 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर से देश हतप्रभ है। यह घटना कानपुर देहात के पुखरायां में हुई दुर्घटना की याद ताजा कर गया जब 20 नवंबर 2016 को इंदौर-पटना एक्सप्रेस पुखरायां के निकट बेपटरी हो गयी थी। इस हादसे में 150 यात्रियों की जान चली गयी थी। और इतने ही घायल हो गए थे। बीते दस सालों में देश में हुई यह सबसे बड़ी दुर्घटना थी। अब ओडिशा बड़ी ट्रेन दुर्घटनाओं में नंबर वन पर है। 

बीते 10 सालों में यदि प्रमुख ट्रेन दुर्घटनाओं पर नजर डालें तो ओडिशा के बाद कानपुर (देहात) क्षेत्र ऐसा है जहां पर ओडिशा की दुर्घटना से पहले सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना हुई थी। आंध्र प्रदेश में 22 मई 2012 को मालगाड़ी और हुबली-बंगलूरू हम्पी एक्सप्रेस आपस में टकरा गयी थी। इसके चार डिब्बे पटरी से उतर गए थे और एक में आग लग गयी थी।

इस दुर्घटना 25 लोगों की मौत हो गयी थी और 43 लोग घायल हो गए थे। इसी तरह 26 मई 2014 में यूपी के संत कबीरनगर में गोरखपुर की तरफ जा रही गोरखधाम एक्सप्रेस खलीलाबाद स्टेशन के पास मालगाड़ी से टकरा गयी। इस दुर्घटना 25 की मौत और 50 यात्रियों से ज्यादा घायल हो गए थे।
23 अगस्त 2017 में कैफियत एक्सप्रेस में दर्दनाक हादसा हुआ था।

दिल्ली की तरफ आ रही कैफियत एक्सप्रेस के नौ डिब्बे औरैया जिला के पास बेपटरी हो गए थे। करीब 70 से ज्यादा घायल हो गए थे। इसी तरह 18 अगस्त 2017 को पुरी-हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर में पटरी से उतर गए थे। इस दुर्घटना में 23 यात्रियों की मौत और 60 घायल हो गए थे। बीते साल 13 जनवरी 2022 बीकानेर-गुवाहटी एक्सप्रेस के करीब 12 डिब्बे अलीपुर द्वार (पश्चिमबंगाल) इलाके में बेपटरी हो गए थे।

इसमें नौ लोगों की मौत हो गयी थीक और 36 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद 2 जून को ओडिशा के बालासोर के निकट कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना में एक ट्रेन के पटरी से उतरने के बाद तीन मालगाड़ी समेत तीन ट्रेनें आपस में टकरा गयी थी।

बिहार में हुई थी सबसे बड़ी दुर्घटना

रोंगटे थर्रा देने वाली देश की सबसे बड़ी ट्रेन दुर्घटना 42 साल पहले 6 जून, 1981 को बिहार में हुई थी। इसे देश में सबसे बड़ी दुर्घटना बताया जाता है। ट्रेन दुर्घटनाओं का यह सबसे काला दिन था जब बिहार में पुल पार करते समय डीएन 416 पैसेंजर ट्रेन बागमती नदी में गिर गई थी, जिसमें लगभग 800 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 20 अगस्त, 1995 को फिरोजाबाद के पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस खड़ी कालिंदी एक्सप्रेस से टकरा गई थी। इस दुर्घटना में करीब 305 लोगों की मौत हुई थी।

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