बरेली: पति-पत्नी और बेटे को बेच दीं 1300 बोरियां

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। अधिक मात्रा में यूरिया खरीदने वाले टॉप 20 किसानों की सूची शासन से भेजने के बाद इसके सत्यापन में भले ही सहकारी समितियों व निजी केंद्रों की लापरवाही उजागर होने पर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। लेकिन यूरिया बिक्री में एक नया खेल सामने आया है। करीब 53 निजी बिक्री …

बरेली, अमृत विचार। अधिक मात्रा में यूरिया खरीदने वाले टॉप 20 किसानों की सूची शासन से भेजने के बाद इसके सत्यापन में भले ही सहकारी समितियों व निजी केंद्रों की लापरवाही उजागर होने पर कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। लेकिन यूरिया बिक्री में एक नया खेल सामने आया है।

करीब 53 निजी बिक्री केंद्रों पर ई-पॉश मशीन पर बिना अंगूठा लगाए ही करीब 500 मीट्रिक टन यूरिया बेच दी गई। अफसर भले ही इस मामले में खुलकर कुछ बोलने से बच रहे हैं, लेकिन दबी जुबान से सत्यापन में इसका भी खुलासा होने की बात कही जा रही है।
शासन से भेजी सूची में तीन ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिसमें पति-पत्नी और उसका बेटा शामिल हैं।

इनके नाम पर करीब 1300 बोरी बिक्री दर्शाई गई है। जबकि जमीन के हिसाब से करीब 30 बोरियों में काम चल सकता था। अफसरों के मुताबिक, सूची में शामिल सभी 20 किसानों की जमीन व यूरिया खरीद से संबंधित अभिलेख खंगाले जाने के साथ किन केंद्रों से यूरिया की बिक्री हुई, इसकी जांच पड़ताल जारी है।

वहीं, यूरिया बिक्री करने वाले करीब 53 ऐसे केंद्रों के नाम भी सामने आए हैं, जहां की ई-पॉश मशीनों में 500 मीट्रिक टन यूरिया का स्टाक शो कर रहा था। विभागीय सूत्रों की मानें तो पूरे मामले की जांच शुरू की गई तो पता चला कि कई ई-पॉश मशीन में बिना अंगूठा लगाए बड़ी संख्या में किसानों से पैसा लेकर खाद दे दी गई।

जबकि नियम है कि मशीन में अंगूठा लगाकर ही खाद की बिक्री की जाएगी। कई जगह तो पूछताछ में केंद्र प्रभारियों ने यह तक बताया कि जल्दबादी के चक्कर में किसान बिना अंगूठा लगाए ही यूरिया लेकर चले गए। किसानों से आधार कार्ड भी नहीं लिया गया। जबकि फर्टिलाइजर के अधिकारियों की वेबसाइट पर 500 मीट्रिक टन यूरिया का स्टाक बिक्री केंद्रों पर दिखा रहा है। बताया यह भी जा रहा है अभी भी ग्रामीण क्षेत्र के कुछ इलाकों में नजदीकी किसान और रिश्तेदारों से आधार कार्ड लेकर ई-पॉश मशीन में अंगूठा लगवा रहे हैं।

बिना जरूरत किसानों को दी जा रहीं 100-100 बोरियां
अफसर लक्ष्य से अधिक यूरिया की खपत का दावा कर रहे थे। इसी की आड़ में यूरिया बिक्री में अफसरों के नाक के नीचे जमकर खेल हुआ। सरकार केंद्रों में भी एक-एक किसान को मनमाने तरीके से 100-100 बोरी तक यूरिया दे दी गई। अधिक मात्रा में यूरिया की खरीद करने वाले किसानों के सत्यापन के दौरान कृषि अफसरों की जानकारी में ऐसे कई नाम सामने आए हैं।

जिन किसानों को इतनी तादात में यूरिया दी गई। उन्हें वास्तव में उनको जरूरत नहीं थी। उनके खेत का रकबा इतना कम था कि उनका कुछ ही बोरियों में काम चल सकता था। ऐसे में, उन्हें इतनी ज्यादा मात्रा में यूरिया क्यों दी गई यह भी बड़े खेल की ओर इशारा कर रहा है।

कुछ इस तरह भी लगाया गया चूना
कृषि जानकार बताते हैं कि सहकारी समितियों के अलावा निजी केंद्रों पर यूरिया की बिक्री करने वाले कई जालसाजों ने किसानों को मैनुअल यूरिया बिक्री कर भी खूब कालाबाजारी की। यूरिया खरीदने पहुंचे किसानों को यह कहकर गुमराह कर दिया गया कि ई-पॉश मशीन में तकनीकी खरीबी है। इस कारण कागजी स्लिप ही मिल सकेगी।

सरकारी समितियों के अलावा निजी केंद्रों पर बिना ई-पॉश मशीन यूरिया की बिक्री नहीं की जा सकती। शासन से जो सूची भेजी गई उसका सत्यापन चल रहा। एक दो नाम ऐसे भी सामने आए हैं, जिनके नाम पर एक इंच भी जमीन नहीं है और बड़ी संख्या में उनको यूरिया की बिक्री की गई। ई-पॉश मशीन पर बिना अंगूठा यूरिया बिक्री मामले की भी जांच जारी है। -धीरेंद्र सिंह चौधरी, जिला कृषि अधिकारी

संबंधित समाचार