अयोध्या : नाबालिग छात्रा से गैंगरेप में ड्राइवर-कंडक्टर सहित 3 दोषी करार

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, अमृत विचार। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत ने नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में स्कूल के बस ड्राइवर, कंडक्टर सहित तीन को दोषी करार दिया है। वहीं विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को दोषमुक्त कर दिया है। सजा के लिए आगामी 9 जून की तारीख तय की है।
   
लगभग आठ वर्ष पूर्व सिविल लाइन स्थित टिनी टॉट्स नर्सरी विद्यालय की 8 वर्षीय छात्रा के साथ विद्यालय बस के ड्राइवर कंडक्टर व हेल्पर द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम  दिया गया था। प्रकरण में पुलिस ने विद्यालय के प्रबंधक रंजीत सिंह, प्रधानाचार्य तमन्ना मदनानी ड्राइवर कंडक्टर व हेल्पर सहित पांच के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। 
    
नाबालिग छात्रा के अधिवक्ता वाईवी मिश्रा ने बताया कि 13 नवंबर 2015 को 8 वर्षीय छात्रा के साथ बस ड्राइवर अरविंद पांडे, कंडक्टर देव शरण यादव व हेल्पर भानु प्रताप मिश्रा ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद विद्यालय के प्रबंधक रंजीत सिंह एवं प्रधानाचार्य तमन्ना मदनानी सहित पांच अभियुक्तों को आरोपी बनाया था। जिसमें न्यायाधीश पॉक्सो जज द्वितीय नूरी अंसार ने मामले की सुनवाई करते हुए विद्यालय के बस ड्राइवर कंडक्टर और हेल्पर को सामूहिक दुष्कर्म मामले का दोषी करार देते हुए जेल भेज  दिया। वहीं विद्यालय के प्रबंधक रंजीत सिंह और प्रधानाचार्या  तमन्ना मदनानी को दोषमुक्त कर दिया।

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