वाराणसी : बर्खास्त पुलिसकर्मियों को हो सकती है जेल, बातचीत का ऑडियो क्लिप आया सामने

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Edited By Amrit Vichar
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वाराणसी, अमृत विचार। बर्खास्त पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। धीरे धीरे कई सारे राज खुलते जा रहे है। अब जांच में घटना के दौरान बातचीत का ऑडियो क्लिप सामने आया है। जिसको शहर ही नही बल्कि लखनऊ के आलाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। स्थानीय पुकिसकर्मियो की माने तो भेलुपुर थाने में डकैती के मुकदमे में आरोपी बर्खास्त पुलिसकर्मियों को जेल भेजा जा सकता है। ये शातिर पुलिसकर्मी भी बचने के लिए कानून के जानकारों से मिलना जुलना एवं सम्पर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। बताते चलें कि ये पूरा मामला जिले में गाड़ी में बरामद बड़ी मात्रा में कैश से जुड़ा है।  

इस मामले में गुजरात के फर्म के मालिक और कर्मचारी ने 1 करोड़ 40 लाख रुपए कार्यालय से लूटे जाने का दावा किया हैं। अब इसमें मालिक एवं कर्मचारी से आयकर विभाग एवं पुलिस पूछताछ भी कर सकती है।  जिसमें चर्चा है कि जिन सात पुलिसकर्मियों ने जिस पैसे को गिनती कर रहे थे। वह सारा गिनती सीसीटीवी कैमरे के सामने हुआ था। अब इसमें जितनी रकम की गिनती हुई उससे कहीं ज्यादा रकम थी। इसमें चर्चा यह भी रही कि मामला प्रकाश में नहीं आता लेकिन मोटी कमाई ना होने पर क्षुब्ध होकर एक दरोगा ने एक पुलिस अफसर से जानकारी देते हुए मामले को विस्तार से बताया। यह बातचीत का ऑडियो क्लिप स्पष्ट करता है कि रकम की गिनती कुछ और थी लेकिन बताया कुछ ही गया। इस प्रकरण में जांच पड़ताल जारी है। जिसके बाद ही पूरा मामला साफ होगा कि आखिर कितनी मोटी रकम वास्तविकता में थी और इन सात पुलिसकर्मियों ने किसके कहने पर रकम में हेराफेरी किया था। यह एक बड़ा विषय चर्चा का बना हुआ है।

गुजरात के कारोबारी जगदीश पटेल के इशारे पर हुई थी डकैती
भेलुपुर थाना अंतर्गत संकुल धारा पोखरा के 1.40 करोड़ रुपए की डकैती मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीनों ने पूछताछ के दौरान बताया कि डकैती जगदीश पटेल के इशारे पर सारनाथ निवासी अजीत मिश्रा उर्फ गुरुजी ने कराई थी। घटना वाले दिन से ही गुरु जी का नाम चर्चा मे आया था। गिरफ्तार तीनो आरोपी प्रयागराज  निवासी घनश्याम मिश्रा,सुल्तानपुर निवासी प्रदीप पाण्डेय, तथा प्रतापगढ़ निवासी मो. वासिम को दिल्ली के कनाट प्लेस से गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट मे पेश किया। तीनो आरोपियों को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत मे जेल भेज दिया गया। 

29 मई को पैसो की हुई थी हाथ की सफाई
पुलिस की माने तो बैजनथा स्थित आदि शंकराचार्य कॉलोनी में मेकटेक एंड कंपनी के ऑफिस में बड़ी रकम थी। वहाँ पुलिस के साथ अजित मिश्रा और पहले से गिरफ्तार मंटु राय, प्रदीप पाण्डेय, वासिम, व घनश्याम पहुचे। इतनी बड़ी रकम देख कर पुलिसकर्मियों का ईमान डोल गया जिसके बाद पुलिस और डकैती डालने के आरोपियों के बीच बंदरबाट होने लगा। किसी को कम तो किसी को ज्यादा मिला। इस बंदरबाँट से असंतुष्ट पुलिसकर्मी ने इसकी सूचना आलाधिकारी को दी। मौके पर दो अधिकारी भी पहुचे थे। मामले को दबाने के लिए पूरी रात पंचायत चली पर कुछ हो पता उससे पहले इसकी जानकारी पुलिस आयुक्त तक पहुंच  गई। जांच हुई जिसमे 7 पुलिसकर्मी दोषी  पाए गए और उन्हें  बर्खास्त कर दिया गया।

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