मथुरा: जम्मू कश्मीर में चल पड़ा है विकास का पहिया- शंकराचार्य 

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Edited By Amrit Vichar
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मथुरा। गोवर्धन पीठाधीश्वर शंकराचार्य अधोक्षजानन्द देव तीर्थ महराज ने शनिवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में सही दिशा में विकास का पहिया चलने के कारण दहशतगर्दी का माहौल काफी हद तक खत्म हुआ है। आदि शंकराचार्य आश्रम गोवर्धन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में दहशतगर्दी की कोई जगह नहीं होती। 

वहां के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने धारा 370 संशोधन होने के बाद एक परिपक्व राजनीतिज्ञ की तरह जनभावनाओं को पहले समझने की कोशिश की। वे संवैधानिक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं तथा उनकी हर जगह नजर रहती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियां दूरदर्शी हैं तथा उसका फायदा वहां के निवासियों को इसलिए मिल रहा है कि उनका पूरी तरह से अनुपालन हो रहा है। 

उन्होने कहा कि कश्मीर घाटी के हालात बेहतर होने के कारण वहां पर देश विदेश के सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही है तथा व्यापार भी सामान्य रूप से चल रहा है। राष्ट्रवादी नीतियों को कड़ाई से लागू होना ही चाहिए और इस सबका असर वहां दिखाई पड़ रहा है। गोवर्धन पीठाधीश्वर ने कहा कि वे कुछ समय पूर्व ही जम्मू कश्मीर के संवदेनशील स्थलों का भ्रमण करके लौटे हैं। राजौरी जिले की सीमावर्ती चौकियों के क्षेत्र में भी वे गए थे। अंतिम गांव बागवाला, भवानी, पूंछ जिले में सलोत्री , जलाश, साब्जियां है जहां पाकिस्तानी चौकी ऊपर है और ठीक नीचे भारत की चौकी है। 

उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में 1999 में वे गए थे तथा बीच बीच में माहौल को सामान्य बनाने के लिए वे जाते रहते हैं और तनावग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करते रहते हैं। सीमा रेखा के पास भी गए हैं। उनका कहना था कि पहले वहां पर बहुत तनाव का वातावरण होता था। लोगों को जिन्दगी का भरोसा नही होता था कि सुबह होंगे तो क्या शाम को भी जिन्दा होंगे। अक्सर वहां गोलीबारी होती रहती थी और राकेट लांचर दागे जाते थे । लोग भय में रहते थे लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं क्योंकि सीमाओं तक शानदार सड़के बन गई हैं तथा विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं जिसके कारण आम जनता में न केवल उत्साह है बल्कि वह समझ गई है कि सरकार उनके हित को देखकर काम कर रही है। 

जगद्गुरू ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कश्मीर के लोगों को यह महसूस हो गया है कि वे विकासशील भारत के अंग है तथा बहुत जल्दी विकसित भारत के नागरिक बनने वाले हैं। शिक्षा,चिकित्सा आदि का वहां विस्तार हो रहा है। वहां लोगों में असुरक्षा की भावना होती तो दूर दराज से हजारों लोग उनके कार्यक्रम में मोटरसाइकिलों पर गेरूवा झंडा लगाकर ’’हर हर महादेव’’ जयघोष के साथ न पहुंचते। हजारों लोग उनके स्वागत में छोटे छोटे गांव में पहुंचे थे। 

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