लू का खतरा! बढ़ रहे हीट स्ट्रोक के मरीज, जाने लक्षण और बचाव
शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को निगरानी बढ़ाने के दिए आदेश
बरेली, अमृत विचार। गर्मी में लू (हीटवेव) का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोग लू की चपेट में आकर लोग बीमार हो रहे हैं। शासन ने लू को अलर्ट भी जारी किया है। जिला हीट वेब को लेकर रेड जोन में शामिल किया गया है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी के लिए आशा, एएनएम और सीएचओ की टीमें गठित की जाएंगी। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉक्टर हीट स्ट्रोक से बचाव की जानकारी दे रहे हैं। वहीं मरीजों की सूचना शासन को भेजी जाएगी।
डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे
जिला अस्पताल में संचालित बच्चों की ओपीडी में लगातार डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बच्चा वार्ड डायरिया से ग्रसित बच्चों से फुल है। बड़े भी डायरिया चपेट में आ रहे हैं। इसके चलते प्रबंधन ने अस्पताल में अलग से डायरिया वार्ड बनाया है।
क्या होता है हीट स्ट्रोक
हीट स्ट्रोक अत्यधिक तापमान में लंबे समय तक रहने के कारण होता है। शरीर का तापमान अगर 104 डिग्री फारेनहाइट से अधिक होता है तो इसे हीट स्ट्रोक का लक्षण माना जाता है। यह आमतौर पर तब होता है, जब शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है और पसीना आना भी बंद हो जाता है।
ये हैं लक्षण
सिर में दर्द, चक्कर आना, पसीना न आना, त्वचा का गर्म और सूखा हो जाना, मांसपेशियों में ऐंठन होना, जी घबराना, उल्टी होना आदि प्रमुख लक्षण हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
-सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
-हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
-अपने सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें।
-पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
हीट वेब को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ओपीडी में आने वाले मरीजों में हीट स्ट्रोक के लक्षण होने पर फौरन उन्हें इलाज और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए टीमों का गठन किया जाएगा--डॉ. हरपाल सिंह, एसीएमओ प्रशासन।
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