बिजली कटी, केयर टेकर नहीं, कहां जाए सड़क पर सोने वाले, Kanpur Nagar Nigam के रैन बसेरा का बुरा हाल

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कानपुर नगर निगम के रैन बसेरा का बुरा हाल है।

कानपुर नगर निगम के रैन बसेरा का बुरा हाल है। मछली वाला हाता में केयर टेकर अनुपस्थित मिले।

कानपुर, अमृत विचार। इहां कोउ नहीं आत है, कई दिन हुई गए, बत्ती नही है, अहे मारे लोग भी सोए नाई आत है, यह कुछ शब्द है, जो रैन बसेरा का हाल समझने के लिए काफी है। शहर में बारिश अपने चरम पर है। बुधवार रात बारिश के तेज होने की वजह से वे लोग परेशान हो गए जो मजबूरी की वजह से सड़क पर सोते र्हैं। इनका एक ठिकाना रैन बसेरा हो सकता था बावजूद इसके यहां पर फैली अव्यवस्था की वजह से उन्हें दूसरी जगहों पर ठिकाना तलाशना पड़ा। गुरुवार को अमृत विचार की ओर से की गई रैन बसेरा की पड़ताल में सामने आया कि यहां की बजली काफी दिनों से कटी हुई है। कहीं केयर टेकर नहीं है तो कहीं पर गंदगी और दुर्घन्ध ने अपना कब्जा जमा रखा है। 

परमट रैन बसेरा, समय – 8;37 बजे

परमट रैन बसेरा में जैसे ही प्रवेश किया गया, हर कमरे में अंधेरा पसरा पड़ा था। यहां पर बीस लोगों के एक साथ रहने की व्यवस्था है। बावजूद इसके पूरा रैन बसेरा खाली पड़ा है। पूछने पर केयर टेकर पवन ने जानकारी दी कि लगभग 15 पहले रैन बसेरा की बिजली कट गई थी। उसके बाद से यहां पर कोई नहीं आया। पहले गर्मी और मौसम बदलने के बाद उमस से कमरों में कोई रहना पसंद नहीं करता। रैन बसेरे में बिजली आ जाए तो लोग भी रहने आने लगेंगे।   

मछली वाला हाता, समय 9;11 बजे

परमट के ही पास मौजूद मछली वाला हाता रैन बसेरा में भी अव्यवस्था चरम पर है। यहां पर प्रवेश करने के बाद केयर टेकर को तलाशना पड़ा। पूछने पर इलाकाई युवकों ने जानकारी दी कि केयर टेकर नहीं है। वे कब आते हैं कब जाते हैं किसी को जानकारी नहीं होती। रैन बसेरा में अंधेरा होने की बात पर युवकों ने कहा कि काफी दिन हो गए बिजली कटी पड़ी है। यही वजह है कोई अंधेरे में नहीं रहने आता।  

चुन्नीगंज रैन बसेरा, समय 8;11 बजे

चुन्नीगंज रैन बसेरा में स्थिति थोड़ी बेहतर रही। यहां पर 5 लोग रात गुजारने आए हुए थे। इस रैन बसेरे के केयर टेकर पवन अवस्थी ने जानकारी दी कि बसेरा में 50 लोगों के रहने की क्षमता है। बावजूद इसके लोग कम आते हैं। इसकी वजह लोगों के पास आईडी न होना है। नियम यह है कि यहां पर रात गुजारने के लिए आईडी का होना जरूरी है। 

शहर में हैं 28 रैन बसेरे 

नगर निगम के शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में 28 रैन बसेरा हैं। जहां बेघर लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। लेकिन मौजूदा समय में कई रैन बसेरों की बुरी हालत है। इनमें कई जगहों पर तो ताले बंद हैं। कई रैन बसेरे में तो लोगों का कब्जा तक है। 

रैन बसेरा का नाम और क्षमता

एक्सप्रेस रोड -1 100, एक्सप्रेस रोड -2 100, बिरहाना रोड एलो.डिसपेंरी 50, सरसैय्या घाट स्थायी 50, सुतरखाना स्थायी 100, फूलबाग पुलिस चौकी के पीछे 100, नवाबगंज अस्पताल 100, ग्वालटोली मेटरनिटी सेंटर 50, भैरो घाट 50, पॉवर हाउस चौराहा राहा स्थायी 50, चिडियाघर चौराहा स्थायी 50,  जाजमऊ सामुदायिक केन्द्र स्थायी 50,  सुजातगंज डम्प सामुदायिक केंद्र 50, डॉ. बीएन भल्ला चिकित्सालय बाबूपुरवा 50, उस्मानपुर 100, सीसामऊ अस्पताल शेल्टर होम (रैन बसेरा) 50, चन्द्रिका देवी मेटेरनिटी सेंटर 100, लाला लाजपतराय हास्पिटल 50, बाल भवन 50, दर्शन पुरवा मेटरनिटी सेन्टर 100, जेएएम चिकित्सालय 100, श्री रत्न शुक्ल इंटर कालेज जूही 100, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय 100, चाचा नेहरू लायन्स क्लब 50, समुदायिक केंद्र क्यू ब्लाक गोविंद नगर 50, काकादेव सामुदायिक केंद्र 50, पनकी हनुमान मन्दिर 100, शास्त्री नगर होम्यो डिस्पेन्सरी 50, विजय नगर चौराहा 100

रैन बसेरा बेसहारा लोगों के लिए हमेशा खुले हैं। बरसात की वजह से मैंने पहले ही जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि रैन बसेरा में रुकने की व्यवस्था सही रखें। जहां दिक्कत है निरीक्षण कर व्यवस्था सही करेंगे।- शिव शरणप्पा जीएन, नगर आयुक्त

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