शाहजहांपुर: सीएचसी पर प्रसूता की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप, जाम लगाने का किया प्रयास
जरियनपुर/मिर्जापुर, अमृत विचार। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में शनिवार की सुबह प्रसव के लिए भर्ती कराई गई महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। प्रसूता की मौत की जानकारी लगते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। गांव से नाते-रिश्तेदार और तमाम भीड़ आ गई, जिससे अस्पताल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए।
परिजनों का आरोप है कि सही इलाज के नाम पर उन्होंने रुपयों की मांग पूरी कर दी, फिर इंजेक्शन में सही दवा नहीं लगाई गई। इंजेक्शन लगाते हुए प्रसूता के मुंह से झाग गिरने लगा और उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। परिजनों ने जाम लगाने की भी कोशिश की। हालांकि पुलिस के हस्तक्षेप और समझाने व कार्रवाई के आश्वासन पर परिवार वाले मान गए। हालांकि शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह खून की अत्यधिक कमी बताई गई है।
क्षेत्र के गांव जरियनपुर के मजरा गंगानगर निवासी मुन्ना सिंह की 30 वर्षीय पत्नी रोली को शनिवार को सुबह तड़के ही प्रसव पीड़ा होने लगी, जिससे वह अपनी पत्नी को आशा कार्यकात्री संतोष कुमारी और घर की अन्य महिलाओं के साथ सरकारी एम्बुलेंस द्वारा सुबह लगभग सात बजे सीएचसी जरियनपुर पर लेकर आया।
प्रसूता के पति मुन्ना सिंह ने बताया कि प्रसव के नाम पर एएनएम सरोज कुमारी और एक अन्य महिला ने पांच हजार रुपये मांगे, जिस पर चार हजार रुपये भी दे दिये थे। इधर मृतका की जेठानी ने बताया कि एएनएम द्वारा पहला इंजेक्शन लगाते ही मृतका रोली के मुंह से झाग निकलने लगा। तभी एएनएम द्वारा तीन और इंजेक्शन लगाये गये बाद में रोली की प्रसव से पहले ही मौत हो गई।
रोली की मौत के बाद प्रसव कक्ष में मौजूद स्टाफ मृतकर के परिजनों से यह कहकर खिसक लिया कि अब रोली को बाहर कहीं ले जाकर भर्ती कराओ। इस पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। परिवार वाले एएनएम और दो अन्य कर्मचारियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।
सूचना पर महिला सिपाहियों के साथ तीन दरोगा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर समझा बुझाकर शांत करने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। पुलिस को मृतका का शव भी नहीं सील करने दिया और स्टेट हाइवे को जाम करने की तैयारी करने लगे, तभी प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब परिवार वाले मान गए और पोस्टमार्टम कराने पर राजी हुए।
स्टाफ ने सुविधा शुल्क की मांग की थी
मृतका के पति मुन्ना सिंह का आरोप है कि सीएचसी के स्टाफ ने पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग की थी। उन्होंने चार हजार रुपये पहले सुविधा शुल्क दे दिया था। स्टाफ एक हजार रुपये की और मांग कर रहे थे। स्टाफ बराबर यह कहता रहा कि नारमल डिलीवरी यहीं पर हो जाएगी और दूसरी जगह ले जाने की जरूरत नहीं है।
डॉक्टर सदैव मरीज को स्वस्थ करना चाहता है। कोई डॉक्टर नहीं चाहता कि उसका मरीज ठीक न हो या मृत्यु हो जाए। प्रसूता को काफी देर से लाया गया। पहले से ही उसे खून की कमी थी। प्रसूता की हालत नाजुक देख उसे रेफर कर दिया था, जिसकी रास्ते में मौत हुई है। परिजनों का आरोप निराधार है--डॉ. आदेश कुमार रस्तोगी, सीएचसी प्रभारी, जरियनपुर।
महिला सीएचसी पर सुबह आई थी, उसकी हालत गंभीर थी और ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। खून की कमी थी। उसके हाथ-पैर में सूजन थी। महिला को झटके आ रहे थे। डॉक्टर ने उसे देखा और दवा दी। महिला को 108 से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। परिवार वालों ने बीच रास्ते से उतार लिया और उसकी मौत हो गई। इस मामले की जांच की जा रही है---डॉ. पीपी श्रीवास्तव, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी।
मृतक प्रसूता के परिजन कार्यवाई की बात कह रहे थे। मृतका के पति की सूचना पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने पर आगे की कार्यवाई की जायेगी---विनोद कुमार, प्रभारी निरीक्षक, थाना मिर्जापुर।
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