IT Raid In Kanpur: कारोबारी की लग्जरी कार से बरामद हुआ 12 किलो सोना, फिल्म रेड की तर्ज पर ऐसे चल रही कार्रवाई

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Edited By Amrit Vichar
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IT Raid In Kanpur कानपुर में कारोबारी की लग्जरी कार से 12 किलो सोना बरामद हुआ।

IT Raid In Kanpur कानपुर में कारोबारी की लग्जरी कार से 12 किलो सोना बरामद हुआ। फिल्म ‘रेड’ की तर्ज पर आयकर विभाग की कार्रवाई चल रही है।

कानपुर, अमृत विचार। IT Raid In Kanpur फिल्म अभिनेता अजय देवगन की सुपर हिट फिल्म ‘रेड’ की तर्ज पर शहर में बुलियन, ज्वैलरी और रियल स्टेट कारोबारियों के प्रतिष्ठानों में छापे की कार्रवाई चल रही है। आयकर विभाग को पहले दिन तो कुछ खास हासिल नहीं हुआ, लेकिन अब उनको हर जगह से नगदी, सोना और प्रापर्टी के दस्तावेज मिलते जा रहे है।

चौथे दिन आयकर अधिकारियों ने कारोबारियों की लग्जरी कार को खंगाला तो सीट कवर से अंदर से 12 किलो सोना बरामद हो गया। इससे जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब अधिकारी कूड़े दान से लेकर बंगले व प्रतिष्ठानों के हर कोने की तलाशी ले रहे है। 

आयकर विभाग की चार दिन से कैलाश नाथ अग्रवाल की राधा मोहन पुरुषोत्तम दास ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड, अमरनाथ अग्रवाल के राधा मोहन पुरुषोत्तम दास ज्वैलर्स, चांदी कारोबारी मुन्ना जखोदिया, सौरभ बाजपेयी और एमराल्ड के प्रमोटर संजीव झुनझुनवाला के 17 प्रतिष्ठानों को खंगाल रही है। अधिकारियों ने पहले लॉकर और अकाउंट को खंगाला था।

उसमें उनको कुछ खास नहीं मिला था, लेकिन फिल्म ‘रेड’ की कहानी की तरह कारोबारियों के कूड़ेदान से लेकर सोफा-किचन और गाड़ियों को खंगालना शुरू किया तो उनको नगदी से लेकर सोना और बोगस कंपनी से लेकर प्रापर्टी के दस्तावेज मिल गए, जिसमें करोड़ों की कर चोरी का खुलासा हुआ है। अधिकारियों को हर दिन कुछ न कुछ मिल रहा है। 
 
ड्राइवर से खरीदा 200 किलो का सोना

आयकर अधिकारियों को शनिवार रात एक फर्म के दस्तावेज मिले थे। इस फर्म से कारोबारियों ने 200 करोड़ का सोना खरीदा था। अधिकारियों ने रविवार को दस्तावेज को वैरीफाई करवाया तो पता चला कि यह फर्म कारोबारियों का ड्राइवर निदेशक है। इससे पहले नौकर के नाम की एक फर्म पकड़ी जा चुकी है। 

नगदी को जब्त कर बनाए जा रहे है बंडल 

आयकर अधिकारियों को छापे में करोड़ों की नगदी और सोना मिला है। अब अधिकारी दो टीमों में बंटकर काम कर रहे है। एक टीम प्रतिष्ठानों के कोने-कोने को खंगाल रही है, जबकि दूसरी टीम बरामद नगदी के बंडल बनवाकर कर उनको जब्त करने के लिए पैक कर रही है। वहीं, सोने और चांदी को अलग-अलग जमा कर पैक किया जा रहा है। साथ ही इसका मूल्यांकन भी किया जा रहा है, ताकि पड़ताल खत्म होते ही इनको मुख्यालय पहुंचाया जा सकें।
 
चार और बड़े कारोबारी जांच के दायरे में 

आयकर अधिकारियों को कारोबारियों के प्रतिष्ठानों से कुछ डायरी मिली है, जिसमें बड़े कारोबारियों ने दो नंबर के लेनदेन की जानकारियां लिखी है। ज्यादातर एंट्री कारोबारियों के उपनाम पर की गई है, लेकिन इसमें से चार कारोबारियों के असली नाम अधिकारियों को पता चल गया है। अब वे भी जांच के दायरे में आ गए है। बताया जा रहा है कि अधिकारी उनके यहां अभी छापा नहीं मारेंगे। बल्कि पहले जानकारी जुटाएंगे, फिर कोई कार्रवाई करेंगे। 

कारोबारियों का करीबी है अधिकारियों का खबरी

आयकर टीम का छापा पड़ा तो कारोबारी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। जैसे उन्हें लग रहा था कि अधिकारी कुछ नहीं ढूंढ पाएंगे, लेकिन अब अधिकारी उनके हर चोर दरवाजे तक पहुंच जा रहे है। इससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। उनको समझ में आ गया कि कोई करीबी ही अधिकारियों का खबरी है।

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