छत्रपति शाहूजी महाराज भारत मे एक अमूल्य मणि थे : कौशल किशोर 

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लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) स्थित अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में सोमवार को सामाजिक न्याय के पुरोधा छत्रपति शाहूजी महाराज के जन्म दिवस के अवसर पर जयंति समारोह का आयोजन किया गया।  राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज स्मृति मंच व केजीएमयू परिवार की तरफ से आयोजित जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर उपस्थित रहे। उन्होंने केजीएमयू के मुख्य द्वार पर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पार्पण किया।

छत्रपति साहू जी महराज की 149 वीं जयंती पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवासन और शहरी कार्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा की छत्रपति साहू जी महराज भारत में एक सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधारक राजा थे। वे कोल्हापुर राज्य में मणि के रूप मे आज भी प्रसिद्ध हैं। छत्रपति साहू जी महराज ऐसे व्यक्ति थे जिंहोने राजा होते हुए भी दलित और शोषित वर्ग के कष्ट को समझा और सदा उनसे निकटता बनाए रखी। उन्होने दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चो को शिक्षा प्रदान करने की व्यावस्था प्रदान की थी। केंद्रीय राज्यमंत्री आवासन और शहरी कार्य मंत्री  कौशल किशोर ने समाज से नशा मुक्त होने की अपील की।

माल्यर्पण दो

समारोह में अपने विचार रखते हुए छत्रपति साहू जी महराज स्मृति मंच के अध्यक्ष रामचन्द्र पटेल ने कहा की छत्रपति साहू जी महराज ने नारी समाज मे व्याप्त अशिक्षा को समाप्त करने का बीड़ा उठाया। भारत के इतिहास में पहले राजा थे जिंहोने 1917 में प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य एवं निशुल्क किया। पद्मश्री डॉ. एस एन कुरील ने कहा की दलित पिछड़े हितैसी कोल्हापुर नरेश ने 1921 मे मनमाड मे दलितों की विशाल सभा में घोषणा करते कहा था मुझे लगता है अंबेडकर के रूप मे आप के मुक्तिदाता मिल गए हैं। 

कार्यक्रम में प्रोफेसर सुरेश बाबू ने कहा की सुन 1902 में मध्य मे छत्रपति साहू जी महराज इंग्लैंड गए थे उन्होने एक आदेश जारी कर कोल्हापुर के अंतर्गत शासन प्राशन मे पिछड़ी जातियों के लिए 50 प्रतिशत सुनिश्चित किया। प्रो. सुरेश बाबू ने कहा कि छत्रपति शाहूजी महाराज राजा के साथ संत भी थे। वह आम नागरिक के रूप में समस्याओं को समझते और उनका निराकरण करते थे। उन्होंने अंधविश्वास और आडम्बर को खत्म करने के लिए बेहतर शिक्षा की व्यवस्था की। शाहू जी ही आरक्षण के जनक थे। इस अवसर पर गौतम राणें सागर ने कहा कि आज के दिन हमें  छत्रपति शाहूजी महाराज की शिक्षा नीति को देखना चाहिए। शिक्षा के लिए बेहतरीन कॉलेज और विश्वविद्यालय की स्थापना होनी चाहिए और यह तब होगा जब हम अपनी सोंच बदलेंगे।

वहीं साइंटिफिक कंवेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में जयंती समारोह के दौरान प्रो.संतोष कुमार,प्रो.सुरेश बाबू,प्रदीप गंगवार समेत अन्य लोगों ने छत्रपति शाहूजी महाराज की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

सभा को स्त्री एवं प्रसूति रोग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एस पी जैसवार, पूज्य भंते प्रज्ञाशील, भंते कृपा शंकर, डॉ मनोज कुमार, सुशील कुमार विद्यार्थी आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर पद्मश्री एस एन कुरील ने समाज सेवी चिकित्सकों और स्त्री एवं प्रसूति रोग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एस पी जैसवार ने समाज सेवी कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सभा का संचालन अनुसूचित जाति जन जाति चिकित्सा शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ हरी राम ने किया।

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