Farrukhabad News: दो दिन में गंगा में छोड़ा गया 83 हजार क्यूसक पानी, घाट डूबे, जलस्तर में दिखा असर

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Edited By Amrit Vichar
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फर्रुखाबाद में दो दिन में गंगा में छोड़ा गया 83 हजार क्यूसक पानी।

फर्रुखाबाद में दो दिन में गंगा में 83 हजार क्यूसक पानी छोड़ा गया। पहाड़ों पर हो रही बारिश का गंगा के जलस्तर में असर दिखने लगा।

फर्रुखाबाद, अमृत विचार। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश का गंगा के जलस्तर में असर दिखाई देने लगा हैं। दो  दिन से लगातार नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। इससे जलस्तर 134.95 मीटर पर पहुंच गया है। घाटों पर पानी भर गया है। गंगापुत्रों ने झोपड़ियों को हटा कर दूसरी जगह डालनी शुरू कर दी। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रामगंगा में भी पानी छोड़ा गया है, मात्रा कम होने के कारण रामगंगा का भी जलस्तर बढ़ना तय हैं। 

पहाड़ी इलाकों में बारिश होने से बांधों से गंगा में पानी छोड़ा जाने लगा है। नरौरा बांध से मंगलवार को गंगा में 48653 क्यूसेक पानी और बुधवार को 35320 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार दो दिन पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर 134.95 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से शमसाबाद में ढाईघाट और शहर में पांचालघाट पर घाट पानी में डूब गए। गंगापुत्रों की झोपड़ियों में पानी भर गया। इससे झोपड़ियों में रखा सामान भींगने से खराब हो गया।

बुधवार सुबह गंगापुत्रों ने झोपड़ियों को उखाड़ कर दूसरी सुरक्षित स्थानों पर जाना शुरू किया। बुधवार को जो पानी छोड़ा गया है। उसका असर गुरुवार को दिखाई देगा। जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों को कटान से नुकसान होने की चिंता सताने लगी है। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारियां कर ली है। अफसरों की ड्यूटी लगा दी गई है। बाढ़ आते ही सभी को सक्रिय कर दिया जाएगा।  

बाढ़ को लेकर प्रशासन की यह है तैयारियां

बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां कर ली है। बाढ़  प्रभावित गांवों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए 24 शरणालय बनाए गए हैं। इसमें सदर तहसील में पांच, कायमगंज तहसील क्षेत्र में 6, अमृतपुर तहसील क्षेत्र में 13 बनें हैं। बाढ़ पर नजर रखने के लिए 52 बाढ़ चौकी बनाई गई। जिसमें सदर तहसील क्षेत्र में चार, कायमगंज तहसील क्षेत्र में 15 और अमृतपुर तहसील क्षेत्र में 33 बनाई गई है।

 

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