बरेली: 28 लाख का अमृत पीने वाले प्रधान और सचिव के खिलाफ जांच शुरू, जानिए पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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सीडीओ ने जिला कृषि अधिकारी जांच अधिकारी नामित किया

बरेली, अमृत विचार। फतेहगंज पश्चिमी के गांव खिरका जगतपुर में कागजों में अमृत सरोवर पर 28 लाख का खर्च दिखाने वाले प्रधान और सचिव के खिलाफ जांच बैठ गई है। सीडीओ जग प्रवेश ने मामले में जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्होंने बीडीओ के माध्यम से पंचायत सचिव से अमृत सरोवर से जुड़े अभिलेख मांगे हैं।

पिछले दिनों गांव के रूप बसंत समेत कई लोगों ने डीएम और सीडीओ को दिए शपथपत्र में बताया था कि वर्ष 2022-23 में सिंघाइया वाले तालाब को अमृत सरोवर में तब्दील करने के लिए 28 लाख की धनराशि स्वीकृत हुई थी। आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव ने मनरेगा श्रमिकों से तालाब की खोदाई कराकर काम अधूरा छोड़ दिया।

अब सरोवर का नामोनिशान तक मिट गया है। तालाब सूखा पड़ा है, जिसमें घास जमी हुई है। उन्होंने प्रधान और सचिव पर अमृत सरोवर पर खर्च दिखाई गई 90 फीसदी से ज्यादा धनराशि हड़पने का आरोप लगाया था। ग्राम प्रधान जितेंद्र गंगवार ने आरोपों को गलत बताते हुए अमृत सरोवर के निर्माण के लिए सिर्फ दो लाख रुपये निकालने की बात कही थी। अमृत विचार ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह ने बताया कि बीडीओ आशीष पाल को पत्र लिखा है कि पंचायत सचिव से अमृत सरोवर से जुड़े अभिलेख उपलब्ध कराए जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

बीडीओ बोले, झूठी है शिकायत
इस संबंध में बीडीओ आशीष पाल का कहना है कि अमृत सरोवर पर अभी सिर्फ दो लाख रुपये के करीब खर्च हुए हैं। इससे जुड़े सारे अभिलेख प्रधान और सचिव के पास उपलब्ध हैं। जांच अधिकारी का पूरा सहयोग किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायत को गलत बताते हुए जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।

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