शाहजहांपुर: सीएचओ शिल्पी यादव बर्खास्त, कलान के बाल विकास परियोजना अधिकारियों का वेतन रोका
शाहजहांपुर, अमृत विचार। संचरी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर बौरी की कम्युनिटी हेल्थ ऑफीसर (सीएचओ) शिल्पी यादव के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते उनकी सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई जिला स्वास्थ्य समिति की संस्तुति के आधार पर की गई।
लान और कांट ब्लॉक में आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई और मिर्जापुर व कलान के बाल विकास परियोजना के प्रभारी अधिकारियों का वेतन रोकते हुए जवाब तलब किया। कांट के बाल विकास परियोजना अधिकारी से भी जवाब तलब किया गया है। नियमित टीकाकरण व मोबिलाइजेशन में बरेली मंडल में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर फील्ड मॉनीटरों व ब्लाक मोबिलाइजेशन कोआर्डिनेटरों को डीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
डीएम उमेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जुलाई माह से शुरू होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीएम ने कहा कि संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें कोई भी लापरवाही न की जाए। एसएनसीओ से ठीक होकर घर भेजे गये बच्चो के गृह भ्रमण की खराब स्थिति पर कांट एवं मदनापुर के एमओआईसी को सुधार के निर्देश दिए।
डीएम ने बरसाती मौसम को देखते हुए निर्देश दिए कि कहीं पर जलभराव न हो, सड़कों और नालियों की नियमित साफ-सफाई की जाए। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए माइक्रोप्लान बनाकर नियमित फोलोअप किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का सीधा संबंध सफाई से है। संचारी रोग और दिमागी बुखार पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए उचित समन्वय होना अत्यंत आवश्यक है।
लार्वा रोधी गतिविधि और आवश्यकतानुसार फॉगिग सुनिश्चित कराई जाए। बैठक में सीडीओ एसबी सिंह ने निर्देश दिए कि गांवों में सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये जिला पंचायत राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) अपने सामने प्रतिदिन एक गांव की सफाई कराना सुनिश्चित करें। बैठक में सीएमओ डॉ. आरके गौतम समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
लंबे समय से नहीं आ रहीं थी शिल्पी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिल्पी काफी दिनों से काम पर नहीं आ रहीं थीं। उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब भी विभाग को नहीं मिल पा रहा था। उनके खिलाफ कार्रवाई काफी दिन पहले ही शुरू हो गई थी। इसकी जानकारी शिल्पी को थी। इसके बाद भी उन्होंने कोई प्रयास नहीं किए। दूसरी ओर शिल्पी के न आने से विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा था। अब तक काफी परेशानी हो चुकी थी। इससे ज्यादा समय उन्हें नहीं दिया जा सकता था। जिसके चलते उनके खिलाफ सीधे बर्खास्त करने की कार्रवाई की गई।
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