Bakrid 2023 : Farrukhabad में मुल्क में अमन शांति की दुआ के लिए उठे हजारों हाथ, फोर्स रहा मुस्तैद

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फर्रुखाबाद में मुल्क में अमन शांति की दुआ के लिए उठे हजारों हाथ।

फर्रुखाबाद में मुल्क में अमन शांति की दुआ के लिए उठे हजारों हाथ। ईदगाह और मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा हुई। डीएम, एसपी अन्य अफसर व फोर्स के मुस्तैद साथ रहे।

फर्रुखाबाद, अमृत विचार। बकरीद पर ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर अमन और तरक्की की दुआ मांगी गई। इसके बाद जानवरों की कुर्बानियां दी गई। दिन भर एक दूसरे को बधाई देने का सिलसिला चलता रहा। नमाज के बाद बच्चों ने खिलौने और गुब्बारे खरीदे। डीएम, एसपी अन्य अधिकारियों के साथ मुस्तैद रहे। सुरक्षा में पुलिस बल जगह-जगह तैनात रहा। 

गुरुवार को बकरीद पर ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समाज के लोगों का पहुंचाना शुरू हो गया। ईदगाहों व मस्जिदों में पहुंचने के बाद खुदा के दरबार में मुल्क में अमन शांति के लिए दुआ के लिए हजारों हाथ उठे। बीबीगंज स्थित नई ईदगाह में मौलाना मुफ्ती मोअज्जम अली ने नमाज अदा कराई। पुरानी ईदगाह में मौलाना शमशाद चतुर्वेदी ने ईदउल अजहा की नमाज अदा कराई।

मुफ्ती मोअज्जम ने कहा कि बकरीद अल्लाह की बारगाह में कुर्बानी पेश करने का दिन है। अल्लाह ने जिनको दौलत से नवाजा है, उन पर कुर्बानी कर्ज है। मौलाना शमशाद चतुर्वेदी ने बताया कि जिनके दिलों में अल्लाह का खौफ है, वहीं कुर्बानी कराते हैं। ऐसे भी लोग हैं, जिनके पास दौलत की कमी नहीं है, लेकिन वह कुर्बानी नहीं कराते हैं।

अल्लाह से डरने वाले बने और उनकी राह में खर्च भी करे। ईदगाहों के आसपास लोगों ने दुकाने लगाई थी। जहां नमाज पढ़ने के बाद बच्चों ने खिलौने और गुब्बारे खरीदे। घरों में कुर्बानी की रस्म अदा  कर पकवान बनाए गए। नमाज अदा करने के बाद देर रात तक गले मिलकर ईद की मुबारक वाद देने का सिलसिला चलता रहा। नमाज के समय डीएम संजय कुमार सिंह, एसपी विकास कुमार, एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एएसपी डॉ. संजय कुमार सिंह, सीओ सिटी प्रदीप कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव मुस्तैद रहे। सुरक्षा के लिए पुलिस बल जगह-जगह तैनात रहा।

फतेहगढ़ में स्थित ईदगाह, मनिहारी स्थित इकमीनारा मस्जिद, मोहल्ला सूफी खा स्थित दरगाह हुसैनिया मुजीबिया की मस्जिद, पुलखाम स्थित दरगाह हजरत छोटे बड़े साहब वाली मस्जिद, जसमई दरवाजा स्थित खानकाहे नूरिया में नूरी मस्जिद, टाउन हाल स्थित काजी साहब मस्जिद, मोहल्ला नई बस्ती स्थित सियाओ की  सुनहरी मस्जिद, दरगाह हजरत अब्बास में बकरीद की नमाज अदा कराई गई। 

ईदगाह में अदा की गई ईद उल अजहा की नमाज़

कस्बा मे इटावा बरेली हाईवे पर स्थित ईदगाह में सुबह 7:30 बजे नमाज अदा की गई। नमाज के बाद गले मिलकर एक दूसरे को ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी। इस दौरान कोतवाल फोर्स के साथ तैनात रहे।

नूरी मजीद के इमाम नूरुल हसन ने बताया कि ये कुर्बानी मुस्लिम धर्म में अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी दी जाती है, मान्यताओं के अनुसार हजरत ने एक दिन इब्राहिम के सपने में आकर अपनी प्रिय चीज की कुर्बानी मांगी। इब्राहिम अपने बेटे को बहुत चाहते थे। उन्होंने बेटे की कुर्बानी देने का निश्चय किया। हालांकि कुर्बानी में भावनाएं बीच में न आ जाएं, इसलिए आंखों पर पट्टी बांध ली।

अल्लाह का हुक्म मानकर उन्होंने अपने बेटे की कुर्बानी दे दी, लेकिन आंख खोलने पर उन्होंने पाया कि उनका बेटा सही सलामत है और एक दुम्बा (अरब में भेड़ के समान जानवर) पड़ा है। तब से बकरे की कुर्बानी देने प्रचलन शुरू हो गया। ईद उल अजहा का दिन फर्ज ए कुर्बानी का दिन होता है। इसके जरिए पैगाम दिया जाता है कि मुस्लिम अपने दिल के करीब रहने वाली वस्तु भी दूसरों की बेहतरी के लिए अल्लाह की राह में कुर्बान कर देते हैं। मुस्लिम धर्म में गरीबों और जरूरतमंदों  का बहुत ध्यान रखने की परंपरा है।

ईद उल अजहा के दिन कुर्बानी के गोश्त को गरीबों और रिश्तेदारों में बांटा जाता है। गोश्त का तीन भाग किया जाता है इसमें एक हिस्सा स्वयं के लिए, एक हिस्सा पड़ोसियों और रिश्तेदारों के लिए और एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंद को बांट दिया जाता है। मौके पर कोतवाली प्रभारी अमर पाल सिंह, क्राइम स्पेक्टर कामता प्रसाद व थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही।

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