बहराइच: बैठक में बोलीं डॉ. नुपूर- एमडीए राउंड की सफलता के लिए साझा प्रयास की जरूरत
बहराइच, अमृत विचार। वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (भारत सरकार) की चीफ डॉ. नुपूर रॉय के नेतृत्व में चार सदस्यी टीम ने सीएमओ कार्यालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में टीम ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत 10 अगस्त से शुरू हो रहे सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए राउंड) की तैयारियों की जानकारी प्राप्त की और अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
डॉ. नुपूर रॉय ने कहा कि एमडीए राउंड की सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं को मिलकर एक साझा प्रयास करने की जरूरत है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग जल्द ही अपने माइक्रोप्लान को अंतिम रूप देकर उस पर अमल करना शुरू कर दे। टीम ने एसीएमओ (वीबीडी) डॉ. राजेश कुमार से जानना चाहा कि अर्बन क्षेत्र में कितनी आशा कार्यकर्ता हैं और कितनी टीमें बनाई गई हैं, जिस पर एसीएमओ ने बताया कि अर्बन क्षेत्र में कुल 97 टीमों का गठन किया गया है।
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता की कमी को पूरा करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्वयं सेवकों की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सभी लोगों को लेकर आगामी 6 जुलाई को सीएमओ कार्यालय के सभागार में पाथ संस्था के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टीम ने फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के बाद लोगों में साइड इफेक्ट्स टीम ने कहा कि इस बार इस तरह का रिकार्ड तैयार किया जाए, जिसमें साइड इफेक्ट्स के साथ ही संबंधित ब्लाॅक का विवरण अंकन के निर्देश दिए।
टीम ने बताया कि अभियान की शुरूआत में 4-5 दिन सार्वजनिक स्थानों पर बूथ लगाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाने का काम किया जाएगा, इसके बाद मोबाइल टीमें घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी। यह बूथ मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनस सेंटर, शाॅपिंग माल, बाजार सहित अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर लगाए जाएंगे।
इसके लिए जरूरी है कि यह बूथ कहां पर बनेंगे, उन पर किन लोगों की ड्यूटी रहेगी, बूथों की मॉनिटरिंग कौन करेगा, इसका पूरा प्लान अभी से ही तैयार कर लिया जाए। साथ ही फाइलेरिया जागरूकता से संबंधित कुछ पंपलेट्स छपवा लिए जाएं, जिससे कि आशा कार्यकर्ता जब आगामी 17 जुलाई से शुरू हो रहे दस्तक अभियान के तहत लोगों के घर जाएं तो परिवार के सदस्यों वह पंपलेट दे दें।
जिससे लोगों को इस अभियान की जानकारी मिले साथ ही लोगों को यह भी पता चले कि फाइलेरिया से बचाव की दवा खाना क्यों और कितना जरूरी है।टीम ने एमडीए ट्रैकर (गूगल शीट) को नियमित रूप से अपडेट करने और अभियान को लेकर मीडिया कवरेज बढ़ाने को भी कहा। इससे पूर्व टीम ने जरवल सीएचसी पहुंच कर वर्ष 2022 का माइक्रो प्लान व परिवार सर्वे रजिस्टर का अवलोकन कर अभियान को सफल बनाने को लेकर सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुंवर रीतेश और बीसीपीएम सोनी जायसवाल से चर्चा की।
टीम में वेक्टर बार्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम की चीफ डॉ. नुपूर रॉय, पाथ संस्था के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अंबरेश कुमार, पीसीआई की नेशनल लीड राजश्री और टीएसयू के डॉ. अतुल मित्तल शामिल रहे। बैठक में जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ब्रजेश सिंह, एफसीओ दीपमाला, फाइलेरिया निरीक्षक विमल कुमार, पाथ के डॉ. अनंत विशाल, पीसीआई के ध्रूव मिश्रा शामिल रहे।
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