America: बच्चों की निजी फाइल ऑनलाइन मुहैया करा रहे हैं रैनसमवेयर अपराधी

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Edited By Amrit Vichar
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वाशिंगटन। रैनसमवेयर गिरोहों द्वारा स्कूलों से चुराए गए और ऑनलाइन अपलोड किए गए गोपनीय दस्तावेजों में महत्वपूर्ण जानकारियां हैं। इन दस्तावेजों में बच्चों पर यौन हमले, मानसिक विकारों को लेकर अस्पतालों में भर्ती कराए जाने, उनके माता-पिता द्वारा उत्पीड़न किए जाने और यहां तक कि उनके द्वारा किए गए आत्महत्या के प्रयासों जैसी संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं। मिनियापोलिस के एक स्कूल में शोषण करने वाले एक व्यक्ति से लगातार आमना-सामना होने के आघात को याद करते हुए, एक लीक फाइल में एक छात्र ने विनती करते हुए कहा, “कृपया कुछ करें”। 

अन्य पीड़ितों ने नींद में बिस्तर गीला करने या रोने के बारे में बात की। मार्च में 36,000 छात्रों वाले मिनियापोलिस पब्लिक स्कूलों द्वारा 10 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती देने से इनकार करने के बाद ऑनलाइन अपलोड की गई 300,000 से अधिक फाइल में इन विवरणों वाले संपूर्ण यौन उत्पीड़न के मामले भी शामिल थे। जिन अन्य आंकड़ों को सार्वजनिक किया गया उनमें चिकित्सा संबंधी विवरण और भेदभाव की शिकायतें दर्ज की गई है। डिजिटल आंकड़ों से समृद्ध, देश के स्कूल दूर-दराज के आपराधिक ‘हैकर’ के लिए प्रमुख लक्ष्य हैं, जो संवेदनशील फाइल का पता लगा रहे हैं और उन्हें खंगाल रहे हैं। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ उन छह छात्रों के परिवारों तक पहुंची जिनकी यौन उत्पीड़न मामले की फाइल को अपलोड किया गया था।

ऐसे ही एक छात्र की मां ने कहा, “सच यह है कि उन्होंने हमें किसी चीज के बारे में सूचना नहीं दी।” यहां तक कि जब स्कूलों में रैनसमवेयर हमला हो रहा होता है, तब भी जानकारी आमतौर पर पहले ही जा चुकी होती है। लॉस एंजिलिस यूनिफाइड स्कूल डिस्ट्रिक्ट में पिछले श्रम दिवस सप्ताहांत में हुए ऐसे ही एक हमले में 1900 से ज्यादा पूर्व छात्रों के निजी दस्तावेज ऑनलाइन लीक हो गए। 

इनमें उनके मनौवैज्ञानिक आकलन और चिकित्सा रिकॉर्ड भी शामिल थे। हालांकि जिले के अधिकारियों ने फरवरी तक इस तरह की चूक का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया था। साइबर सुरक्षा कंपनी ‘एम्सीसॉफ्ट’ के विश्लेषक ब्रेट कॉलो ने कहा, “बड़ी मात्रा में जानकारी ऑनलाइन पोस्ट की जा रही है, और कोई भी यह नहीं देखना चाहता कि यह सब कितना बुरा है।’’ साइबर सुरक्षा को लेकर स्कूलों का रवैया ढुलमुल है। इन हमलों पर प्रतिक्रिया के मामले में स्कूली तंत्र धीमा है। मिनियापोलिस स्कूल की प्रवक्ता क्रिस्टीना लूगो-बीच ने यह नहीं बताया कि अब तक कितने लोगों से संपर्क किया गया है या हमले के बारे में ‘एपी’ के अन्य सवालों का भी उनकी तरफ से जवाब नहीं दिया गया। 

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