अयोध्या : न्यायालय पहुंचा खिरौनी समिति की दुकानों पर कब्जेदारी का मामला
सोहावल/अयोध्या, अमृत विचार। साधन सहकारी समिति खिरौनी की आधा दर्जन दुकानों पर कब्जे का मामला अब अदालत पहुंच गया है। समिति की दुकानों के किरायेदारों ने मालिक बनने के लिए न्यायालय में वाद दाखिल किया है।
विकास खंड की सबसे बड़ी और पुरानी इस सहकारी समिति की 6 दुकानें लगभग 50 वर्ष पहले लोगों को 65 से 75 रुपये महीने की किरायेदारी पर आवंटित थीं। इनमे आधे किराएदार दिवंगत हो गए तो इनके वारिसानों ने कब्जा बना लिया। इस बार समिति का नया व्यवस्थापन बना तो इसके अध्यक्ष राहुल सिंह की ओर से इन दुकानों को बाजार रेट से नीलामी का प्रस्ताव लाया गया ताकि समिति की आमदनी को बढ़ाया जा सके। दुकान के मालिकानों को इसके लिए समिति ने प्रस्ताव दिया और खाली करने की नोटिस थमाई तो दुकानदारों ने इसे अपना बताते हुए मुंसिफ हवेली के न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और वाद दायर किया है।
इसमे तीन दावेदार समिति के संचालक मंडल के सदस्य है। बताया जाता है जिन्हें लाभ पाने का हक ही नहीं बनता। लाखों की यह दुकानें आज भी खिरौनी की गाटा संख्या 1943 ग पर सहकारी समिति के नाम दर्ज है। जिसकी बाजारी कीमत करोड़ों में है। अपर जिला अधिकारी सहकारी सुधीश गौतम ने कहा कि दुकानें और जमीन दोनों समिति के नाम है। न्यायालय का आदेश ही सर्वोपरि होगा।
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