अयोध्या: कौन 'चर' गया 50 परिषदीय विद्यालयों के किचन गार्डन..., साल भर पहले निर्माण के लिए जारी की गई थी धनराशि
अयोध्या/अमृत विचार। प्रदेश शासन द्वारा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किचन गार्डन बनाए जाने की योजना जिले में जमीन पर नहीं दिख रही है। एक साल पहले बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा किचन गार्डन बनाए जाने के लिए चयनित स्कूलों से निर्गत धनराशि का उपभोग प्रमाण पत्र और निर्मित किचन गार्डन की तस्वीरें मांगी गईं थीं लेकिन अभी तक किसी स्कूल की ओर से रिपोर्ट नहीं दी गई। हकीकत यह है कि किचन गार्डन एक - दो विद्यालयों को छोड़कर कहीं नहीं बना।
बता दे कि मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण के द्वारा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में किचन गार्डन बनाए जाने के लिए प्रत्येक को 5 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई थी। यह धनराशि स्कूलों द्वारा संचालित मिड डे मील खाते में निर्गत की गई थी। इनमें सभी स्कूलों को इस धनराशि से शासन की योजना के तहत किचन गार्डन बनाना था।
इन किचन गार्डन में हरी सब्जियों की खेती और बच्चों को फार्मिंग सिखाई जानी थी लेकिन चयनित 50 स्कूलों में से अधिकतर ने अपने स्कूलों में किचन गार्डन बनाए जाने की जहमत नहीं गवारा की। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार कुल पचास स्कूलों को किचन गार्डन के मद में कुल 2 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई है।
उपभोग प्रमाण पत्र के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा गत वर्ष 5 जुलाई को पत्र भेज निर्देश दिया था। निर्देश था कि सभी प्रधानाध्यापक किचन गार्डन का निर्माण करा फोटो युक्त उपभोग प्रमाण पत्र दे। आज साल भर से अधिक हो गया लेकिन किसी भी स्कूल की ओर से उपभोग प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। बताया जाता है कि कुछ स्थानों पर बने भी हैं तो केवल जाली लगी है अभी सब्जियां नहीं उगाई जा रहीं हैं।
स्कूलों में किचन गार्डन बनाए जाने थे, धनराशि भी दी जा चुकी है। अभी तक उपभोग प्रमाण पत्र किसी ने नहीं दिया है, रिमाइंडर भेजा गया है। यदि किचन गार्डन नहीं बनें होगें तो कार्रवाई की जाएगी ...,संतोष कुमार राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अयोध्या।
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