Mahoba News : आकाशीय बिजली मचा रही तबाही, तीन लोगों की मौत और 200 पशु भी मरे, पशु पालकों की रोजी रोटी छिनी
महोबा में आकाशीय बिजली मचा रही तबाही।
महोबा में आकाशीय बिजली तबाही मचा रही। बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि 200 पशुओं की भी मौत हो गई।
महोबा, अमृत विचार। जिले में पिछले दो दिनो से हो रही बारिश के साथ आकाशीय बिजली ने तबाही मचा दी है। जिसके चलते शुक्रवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से बकरी, गाय और भैंसें सहित डेढ सैकडा पशुओं की मौत हो गई। जबकि दो चरवाहों की भी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण बिजली से झुलस गये। गुरुवार की शाम को बकरियां चराकर लौट रहे एक महिला की मौत हो गई थी और 45 से ज्यादा बकरियां मर गई थी। दो दिन के अन्दर लगभग दो सौ पशुओं और तीन चरवाहों की मौत हो चुकी है।
मालूम हो कि जिले में पिछले दो दिनों से बारिश के साथ जगह जगह आकाशीय बिजली गिरने से चरवाहे के अलावा पशु भी काल के गाल में समाते जा रहे है। थाना कबरई के ग्राम छानीकलां निवासी मातादीन अहिरवार 48 वर्ष बकरियां चराकर जंगल से लौट रहा था। तभी अचानक गडगडाहट के साथ आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई। जबकि विमला अहिरवार, लोटन समेत दो लोग झुलस गये। इतना ही नही छांनीकला में बिजली की चपेट में आने से 15 बकरियों की भी मौत हो गई।
ना श्रीनगर के ग्राम बिलखी निवासी ब्रजलाल 48 वर्ष खेत में बकरियां चरा रहा था तभी बिजली गिरने से ब्रजलाल और उसकी पत्नी मंजू झुलस गये। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। बिलखी निवासी चरवाहा पवन यादव, मुन्ना यादव, हरिदास की करीब 40 बकरियों की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। इसी तरह ग्राम अजनर में बिजली गिरने से बबलू, शीला, मुकेश निवासी इन्द्रहटा झुलस गये। बेलाताल के जमीदारी मुहल्ला निवासी गणेश 72 पुत्र कमलापत खेत में भैस चरा रहा था। तभी आकाशीय बिजली गिरने से कमलापत बिजली की चपेट में आकर झुलस गया।
इसी प्रकार ग्राम उमरई में 15 बकरियां झुलस गई। थाना श्रीनगर के ग्राम पिपरामाफ में एक भैंस की मौत हो गई। इसी तरह ग्राम तेईया निवासी चन्द्र प्रकाश अरजरिया की भैंस व ग्राम तेलीपहाडी निवासी राजबहादुर की गाय की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। ग्राम अकौना में भी 5 बकरियां झुलस गई। कोतवाली चरखारी के ग्राम सालट में बारिश के साथ अचानक आकाशीय बिजली गिरने से बकरियां चरा रहा चरवाहा ओमप्रकाश रैकवार निवासी सालट झुलस गया। जबकि उसकी 40 बकरियों की मौत हो गई।
पशुओं की मौत से कई पशु पालकों की रोजी रोटी छिनी
जिले में करीब डेढ सैकडा से अधिक दो दिनों के अन्दर पशुओं की मौत होने के 24 घण्टे बाद भी राजस्व विभाग के कर्मचरियों ने मौके पर जाकर न तो कोई जांच पडताल की और न ही पीडित पशुपालकों को आर्थिक मदद सम्बन्धी कोई पहल की। जिससे पशु पालकों के घर में कोहराम मचा हुआ है। तमाम पशु पालकों की तो बकरियों की मौत के बाद रोजी रोटी ही छिन गई है।
