Unnao: हाय! भगवान दोनों बच्चों को एक साथ छीन लिया... बड़ी बहन को देख छोटी ने भी ट्रेन के आगे लगाई छलांग, जानें- मामला
उन्नाव में ट्रेन के आगे कूदी दो बहनों की मौत।
उन्नाव में पैसेंजर की जगह एक्सप्रेस ट्रेन में बैठी दो बहनों ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। जिससे दोनों की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
उन्नाव, अमृत विचार। उन्नाव के सोहरामऊ थानाक्षेत्र के गांव देवरा निवासी दो सगी बहनें शुक्रवार कालेज से लौटते समय गलती से एक्सप्रेस ट्रेन में बैठ गईं। स्टापेज न होने से ट्रेन जब जैतीपुर रेलवे स्टेशन पर नहीं रुकी तो बड़ी बहन ने ट्रेन से छलांग लगा दी। उसे देख पीछे से छोटी बहन भी कूद गई। इसमें एक की मौके पर मौत हो गई। जबकि दूसरी ने लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों बहनों की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सोहरामऊ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सोहरामऊ थानाक्षेत्र के गांव देवरा निवासी किसान संजय बाजपेई ने अपनी दो पुत्रियों सौम्या (14) का कक्षा नौ व मिष्ठा (16) का कक्षा 11 में शहर स्थित जीजीआईसी में एडमिशन कराया था। दोनों पहले दिन मेमो पैसेंजर से कालेज गई थीं। कालेज से वापस झांसी पैसेंजर से लौटना था। लेकिन अनजाने में वे पैसेंजर की जगह इंटरसिटी एक्सप्रेस में बैठ गईं।
जैतीपुर स्टेशन आने पर जब ट्रेन की गति कम नहीं हुई तो दोनों गेट के पास पहुंच गई। स्टेशन क्रास होते ही बड़ी बहन संध्या ने ट्रेन से छलांग लगा दी। इसे देख निष्ठा भी पीछे से कूद पड़ी। इसमें संध्या की मौके पर मौत हो गई। जबकि निष्ठा गंभीर घायल हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने घायल बेटी को लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान निष्ठा ने भी दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतका चार भाई बहनों में दूसरे व तीसरे नंबर की थीं। दोनों की मौत पर मां मुन्नी व छोटे भाई विनायक व बड़ी बहन नित्या का रो-रोकर बुरा हाल है। सीओ हसनगंज संतोष सिंह ने बताया कि दोनो के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर जांच कर मामला दर्ज किया जाएगा।
दो बेटियों की मौत से सूना हुआ घर
देवरा में अचानक दो सगी बहनों की मौत की खबर के बाद गांव में सन्नाटा छा गया। वहीं परिजन भी दो बेटियों के अचानक चले जाने से आखों में आंसू लिए राह निहारते रहे। मां मुन्नी ने बताया कि तीनों बहनों व भाई में छोटी-छोटी बातों में कहासुनी होती रहती थी। वह सबको डांटती थी। लेकिन अब वह किसे डाटेंगी।
