Farrukhabad: उफनाई गंगा में समा गए खेत और कब्रिस्तान, ग्रामीणों की नींद हराम, प्रशासन की व्यवस्था धरी रह गई
फर्रुखाबाद में उफनाई गंगा में समा गए खेत और कब्रिस्तान।
फर्रुखाबाद में उफनाई गंगा में खेत और कब्रिस्तान समा गए। गंगा के कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं धरी रह गई है।
फर्रुखाबाद, अमृत विचार। थाना मऊ दरबाजा क्षेत्र में गंगा नदी का जल स्तर शुक्रवार को 135 .70 पर पहुंच गया है। चेयवनी बिंदु से 40 सेमी जल स्तर दूर रह गया है। जल स्तर बढ़ने से 14 बीघा भूमि पर बने कब्रिस्तान को मटियामेट कर दिया है। उफनाई गंगा ने एक हजार बीघा भूमि को काटकर मुख्य धारा में मिला लिया है। तेजी से कटान कर रही गंगा गांव से केवल 30 मीटर दूर रह गई है। गंगा का रौद्र रुप देख गांव वालों के दिन का चैन ओर रात की नीद हराम हो गई है। गंगा के कटान को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं धरी रह गई है। जिस तरह गंगा कटान कर रही है उससे कटरी धर्मपुर का अस्तित्व किसी समय समाप्त हो सकता है।
गांव कटरी धर्मपुर के इशरार ,नशीम, अबरार सहित दर्जनो लोग बताते है कि सैकड़ो साल पुराने कब्रिस्तान में दफन उनके पुरखो के कंकाल का भी पता नही चल रहा है। जिस जगह 14 बीघा भूमि पर कब्रिस्तान था उस भूमि पर आज गंगा की धारा वह रह है।उनका कहना है कि कई बार यहां बाढ़ आई लेकिन कब्रिस्तान सुरक्षित रहा। इस बार गंगा ने कटान कर कब्रिस्तान को जमीदोज कर दिया है। उनके पुरखो की यादें गंगा में समा गई है।
वही किसान रामसेवक,कैलाश राजपूत का कहना है कि एक हजार बीघा खेतिहर जमीन गंगा में समा गई है। जिससे कई किसान भूमि हीन हो गए है। अब उनके पास जीविका का कोई साधन नही बचा है। गांव वालों का कहना है कि किसी भी समय गंगा कटरी धर्मपुर को नेस्तनाबूद कर सकती है। गंगा के कटान ने गांव वालों के दिन का चैन रात की नीद छीन ली है। किस समय पूरा गांव गंगा में समा जाए इसको लेकर महिलाएं बच्चे जाग जाग कर रात काट रहे है।
उनका कहना है कि गांव की तरफ कटान रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च कर ठोकरे बनाई गई थी। जिन्हें गंगा ने पूरी तरह काट दिया। उनका कहना है कि किसी भी समय पूरा गांव गंगा में समा सकता है। गांव वालों को मलाल है कि कोई प्रशासनिक अधिकारी अभी तक उनकी मदद के लिए नही आया है। एसडीएम सदर संजय सिंह ने बताया कि टीम भेज कर जांच कराई जाएगी। कटान रोकने के पूरे प्रयास किये जायेंगे।
