महाकुंभ 2025 : तैयारी को लेकर अखाड़ा परिषद ने की प्रशासन के साथ पहली बैठक
प्रयागराज, अमृत विचार। वर्ष 2025 में लगने वाले महाकुंभ की तैयारी को लेकर शनिवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की पहली बैठक मेला अधिकारी और पुलिस प्रशासन के साथ संपन्न हुई। बैठक में सभी अखाड़ों के सन्तों के साथ महाकुम्भ 2025 को दिव्य व भव्य बनाने के मण्डलायुक्त विजय विश्वास, अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर मौजूद रहे। बैठक में महात्माओं का स्वागत व अभिवादन किया गया। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं के बारे में संतो को जानकारी दी गयी।
मेलाधिकारी कुम्भ मेला ने कहा कि महाकुम्भ 2025 मे प्रयागराज की भव्यता को बढ़ाने के लिये 7 रिवर फ्रंट टाइप सड़कों को चिन्हित किया गया है। जिसकी कुल लम्बाई 13.25 किमी होगी। जिसका विकास किया जा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से वित्त पोषित व सभी सार्वजनिक सुविधाओं से युक्त 7 घाटों का भी निर्माण किया जा रहा है जिससे पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के सुरक्षित स्नान व नौका विहार में सहायता मिलेगी।
पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए अक्षयवट, पातालपुरी व सरस्वती कूप के कारिडोर का विकास, लैंड स्केपिंग, साइनेज व प्रवेश द्वार का विकास कराया जा रहा है। कुछ अन्य प्रमुख मंदिरों का भी विकास कराया जा रहा है, जिसमें नागवासुकी मंदिर, अलोपशंकरी देवी मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, पंडिला महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, कल्याणी देवी मंदिर तथा तक्षक तीर्थ भी सम्मिलित हैं। भारद्वाज आश्रम व द्वादश माधव मंदिरों के कारिडोर का विकास सौन्दर्यीकरण, प्रवेश द्वार, साइनेज इत्यादि भी कराया जा रहा है। इस बैठक में महाकुम्भ 2025 के मुख्य स्नान पर्वों की तिथियां का निर्धारण सर्वसम्मति से हुआ।
प्रमुख स्नान पर्व
- पौष पूर्णिमा 13 जनवरी
- मकर संक्रान्ति 14 जनवरी
- मौनी अमावस्या 29 जनवरी
- बसन्त पंचमी 3 फरवरी
- माघी पूर्णिमा 12 फरवरी
- महाशिवरात्रि 26 फरवरी
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