हुलासनगरा पुल: सवा साल बाद आई परीक्षण की याद, फिर भी 40 लाख बर्बाद

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। हुलासनगरा ओवरब्रिज पर ट्रैफिक दौड़ते हुए करीब सवा साल गुजरने के बाद बाद जैसे-तैसे उसकी मजबूती का परीक्षण करने दिल्ली के सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञों की टीम पहुंची लेकिन वह भी जाम की वजह से बिना परीक्षण किए लौट गई। इससे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को 40 लाख का फटका लगा है। एनएचएआई को अब टीम दोबारा बुलाने के लिए फिर मोटी रकम देनी पड़ेगी। इस बीच बिना परीक्षण ओवरब्रिज पर दौड़ने वाले वाहनों के लिए खतरा बना रहेगा।

ओवरब्रिज की एक लेन अप्रैल 2022 और दूसरी मई 2022 में शुरू हो गई थी। नियमों के मुताबिक पुल पर ट्रैफिक शुरू होने से पहले ही उसकी मजबूती का परीक्षण होना चाहिए था लेकिन चूंकि पहले से पुल निर्माण का प्रोजेक्ट लक्ष्य से काफी ज्यादा समय ले चुका था, लिहाजा जोखिम की परवाह किए बगैर उस पर ट्रैफिक शुरू करा दिया गया। इसके बाद ओवरब्रिज का परीक्षण का मामला लगातार टलता रहा। शुक्रवार को दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम पहुंचने से पहले भी अफसरों ने कोई तैयारी नहीं की, जिस वजह से परीक्षण टल गया।

पुल की मजबूती का परीक्षण कराने के लिए इंस्टिट्यूट को 40 लाख दिए गए थे। इसके अलावा बरेली आई टीम के ठहरने, खाने-पीने के इंतजाम और दिल्ली से परीक्षण के लिए उपकरणों को मंगाने पर भी लाखों फूंके गए थे। यह सारा खर्च ओवरब्रिज का परीक्षण न हो पाने से बेकार चला गया। शनिवार को दिल्ली की टीम ने परीक्षण के लिए एक लेन बंद की तो दोनों ओर का ट्रैफिक एक ही लेन पर आ गया और उस पर भीषण जाम लग गया। इसके बाद विशेषज्ञों ने परीक्षण बंद कर दिया।

छह महीने बाद आई विशेषज्ञों का याद
एनएचएआई अफसरों के मुताबिक हुलासनगरा ओवरब्रिज की दोनों लेन की मजबूती के परीक्षण के लिए छह महीने पहले ही सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टिट्यूट दिल्ली को विशेषज्ञों की टीम भेजने के लिए भुगतान कर दिया गया था। इसके बाद लगातार संपर्क बनाए रखा गया लेकिन वहां से छह महीने बाद कार्यक्रम मिल पाया। उनको बताया गया कि पुल की दोनों लेन पर ट्रैफिक का लोड देख लिया जाए। शुक्रवार को दिल्ली से 10 विशेषज्ञों की टीम बरेली पहुंची लेकिन अगले ही दिन जाम ने सारी तैयारी पर पानी फेर दिया।

नियमानुसार पुल शुरू करने के फौरन बाद परीक्षण होना चाहिए था। किन्हीं कारणों से इसमें देरी हुई।पुलिस अफसरों से बातचीत के बाद दोपहर में परीक्षण टालने का फैसला कर बंद की गई लेन को खोल दिया गया। अब पुल का परीक्षण सावन के बाद कराया जाएगा। - बीपी पाठक, परियोजना निदेशक एनएचएआई

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