अयोध्या: 15 करोड़ मिले, पौराणिक कुंडों के जीर्णोद्धार का कार्य तेज

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अयोध्या/अमृत विचार। परिक्रमा मार्गों के निकट पर्यटन स्थल, पौराणिक कुंड व आश्रमों के जीर्णोद्धार का कार्य कराने के लिए अब धन की कमी आड़े नहीं आएगी। इन स्थलों का विकास कराने के लिए सरकार की ओर से 83 करोड़ रुपये के सापेक्ष लगभग 15 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।

जिलाधिकारी नितीश कुमार के मुताबिक राशि प्राप्त करने के बाद कार्य तीव्र गति से कराया जा रहा है। मंदिर निर्माण के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अयोध्या धाम तथा अयोध्या को जोड़ने वाले मार्गों के चौड़ीकरण और विस्तारीकरण का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।  

जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि 14 कोसी मार्ग के किनारे स्थित पर्यटन स्थल लक्ष्मीसागर कुंड, वैतरणी कुंड, निर्मल कुंड, गिरजा कुंड, विघ्नेश्वर नाथ शिव मंदिर एवं विभीषण कुंड के जीर्णोद्धार एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास हेतु स्वीकृत धनराशि 21.24 करोड़ के सापेक्ष 4 करोड़ के धनराशि प्राप्त हो चुकी है।

पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के किनारे सुग्रीव किला, अशर्फी भवन, छोटी देवकाली, नागेश्वर नाथ मंदिर, क्षीरेश्वर नाथ मंदिर, मुंडा शिवालय, दंतधावन कुंड, प्रहलाद कुंड, जानकी कुंड, मोनी बाबा आश्रम, कौशल्या घाट, विद्या देवी कुंड, सीता कुंड, दशरथ कुंड के विकास के लिए 21.89 करोड़ के सापेक्ष 4 करोड़ के धनराशि प्राप्त हो चुकी है।

84 कोसी परिक्रमा मार्ग के किनारे स्थित दुधेश्वर कुण्ड (सीताकुंड), महर्षि वामदेव आश्रम, जन्मेजय कुंड, नरकुंड, महर्षि वेद व्यास गेट गौराघाट, महर्षि वामदेव आश्रम व तालाब, त्रिपुरारी कुंड, दशरथ समाधि स्थल, नंदीग्राम भरतकुंड, श्रवण कुमार आश्रम, आस्तिक आश्रम, ऋषि च्यवन आश्रम, मेधा ऋषि आश्रम, श्री बंधु बाबा आश्रम व महर्षि वामदेव आश्रम व तालाब के जीर्णोद्धार एवं पर्यटन सुविधाओं के विकास हेतु स्वीकृत धनराशि 41.11 करोड़ के सापेक्ष 7 करोड़ के धनराशि प्राप्त हो चुकी है।

बेंच, लाइटिंग और पेयजल की भी व्यवस्था रहेगी 
जिलाधिकारी नितीश कुमार के मुताबिक अयोध्या धाम में स्थित हनुमान कुंड, स्वर्णखनि कुंड एवं गणेश कुंड में सभा स्थल, छतरी, टॉयलेट, म्यूरलवाल, घाट एवं प्लेटफार्म, बेंच, डस्टबिन, रैलिंग, साइनिज, लाइटिंग और पेयजल व्यवस्था आदि कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी के तर्ज पर अन्य कुंडों का जीर्णोद्धार का कार्य कराया जाएगा। गिरिजा कुंड, दंतधावन कुंड, सीताकुंड, जन्मेजयकुंड आदि में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

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