बरेली: रोडवेज की ईटीएम मशीन प्रकरण की जांच पूरी, आरोप नहीं हुए सिद्ध
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बरेली, अमृत विचार। रोडवेज में ईटीएम मशीन प्रकरण में फंसे चारों आरोपियों को आरएम ने बरी कर दिया है। वर्ष 2015 में बरेली रीजन के रुहेलखंड डिपो में मामला सामने आने के बाद से ही जांच चल रही थी। ह
रुहेलखंड डिपो में 2013- 2015 में 17 ईटीएम मशीन गायब होने का मामला सामने आया था। जिसमें आरोप लगे थे कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से परिचालकों को दो ईटीएम मशीन मुहैया कराई जाती थीं। जिस मशीन की इंट्री रिकार्ड में दर्ज होती थी उससे कम टिकट बनाए जाते थे।
वहीं जिस मशीन की इंट्री नहीं होती थी उससे अधिक टिकट बनाए जाते थे। लंबे समय से फर्जी टिकट का खेल चलकर विभाग को चूना लगाया जा रहा था। मामले का जब खुलासा हुआ तो इसकी गूंज शासन तक गई थी। अलीगढ़, लखनऊ और सहारनपुर के साथ मेरठ में भी इस तरह के मामले पकड़े गए थे।
जिसमें दो आरएम पर शासन स्तर से कार्रवाई हुई थी, लेकिन बरेली रीजन में लंबे समय से इसकी जांच चल रही थी। इससे पहले भी बरेली रीजन में तैनात रहे दो आरएम मामले की जांच कर चुके थे, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी थी। इस मामले में कई बार आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश हुए थे, लेकिन यूनियन राजनीति के चलते मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता था।
बरेली रीजन के आरएम दीपक चौधरी ने इस मामले में आरोपों में घिरे लोगों को बरी कर दिया है। उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भी भेज दी गई है। इस मामले में आरएम से बात करने की कोशिश की गई तो उनका फोन नहीं उठ सका।
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