रायबरेली : डेट लाइन खत्म, अधूरा पड़ा है पूरे तीर गंगा पुल, निर्माणाधीन पुल पर फर्राटा भर रहे भारी वाहन

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Published By Pradumn Upadhyay
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अमृत विचार, रायबरेली । क्षेत्र के पूरे तीर गंगा घाट पर बनने वाला पक्का पुल अपनी तय अवधि के दो साल बाद भी अधर में अटका है। इसे जून 2021 में बन जाना चाहिए था, किंतु निर्माण अभी भी जारी है। इस आधे-अधूरे पुल पर भारी वाहन आवागमन कर रहे हैं। जिससे जोखिम बना रहता है।

फतेहपुर और रायबरेली जिलों को जोड़ने वाला यह पक्का पुल रायबरेली के पूरे तीर गंगा घाट से फतेहपुर के नौबस्ता गंगा घाट को जोड़ता है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा 8556 करोड़ 85 लाख रुपए की लागत से हुआ है। पुल निर्माण का आरंभ 8 मार्च सन् 2019 से हुआ है। जिसका कार्य पूरा करने की अवधि 30 जून सन् 2021 निर्धारित थी।

पुल की कुल लंबाई 1064.83 मीटर है, किंतु पुल अपने समय सीमा के दो वर्ष बाद भी पूर्ण नहीं हो पाया है। निर्माण के दौरान निर्माणकार्य को गुणवत्ता पर लोगों ने सवाल तक खड़ा किया था, लेकिन मामला जांच तक ही सीमित रहा। अब तक पुल गंगा के ऊपर तक चुका है, जिसमें दोनों ओर ढलान हो चुकी है। इस डामरीकरण हेतु कार्य किया जा रहा है। इस बीच गंगा पुल से आए दिन हजारों भारी वाहन ट्रक, पिकप, डीसीएम, मेटाडोर, कार, बोलेरो आदि का आवागमन प्रारंभ हो गया है।

खरौली ग्राम प्रधान गंगाविशुन यादव ने बताया कि पुल का उद्घाटन नहीं हुआ है, लेकिन भारी वाहन व छोटे वाहन आदि का आवागमन रात दिन चल रहा है। एसडीएम सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि पुल का आवागमन कैसे प्रारंभ करवा दिया गया, हमें नही पता है।

पीपे का पुल के पेंडुल जल में डूबे

पूरे तीर गंगा घाट पर अभी तक पीपे का पुल बनता था। जिसका निर्माण अक्टूबर और नवंबर महीने में किया जाता था। यह पुल बरसात के पहले तोड़ा जाता था। यहां पर पीपे के पुल के पेंडुल अभी भी गंगा नदी के किनारे पड़े हुए हैं। इस समय गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सारे पेंडुल जल में डूबे हुए हैं। जिससे लोक निर्माण प्रभाव को क्षति भी हो रही है।

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