रामपुर में छह वर्ष बाद नजर आया उत्तर प्रदेश का राज्यपक्षी सारस

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तीन जोड़े मिलक में और एक शाहबाद में देखा गया, उत्तर प्रदेश का राजकीय पक्षी है सारस, 176 सेमी होती है लंबाई

(सुहेल जैदी) रामपुर, अमृत विचार। रामपुर में छह वर्ष बाद राजकीय पक्षी सारस के चार जोड़े अलग-अलग तहसीलों के जंगलों में सारस गणना के दौरान मिले हैं। इनमें तीन जोड़े मिलक में और एक जोड़ा शाहबाद में विचरण करते हुए दिखाई दिया। सारस को उत्तर प्रदेश के राजकीय पक्षी का दर्जा प्राप्त है। इनकी लंबाई 176 सेंटीमीटर व औसत भार 7.3 किलोग्राम तक होता है।
      
रामपुर जनपद में जल स्रोत बढ़ने से सारस दिखाई देने लगे हैं। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अमृत सरोवर, तालाब और कुएं खुदवाए जाने पर पूरा जोर दिया है। जिसके चलते चार ब्लॉक डार्क जोन से बाहर आ गए हैं। सारस पक्षी तालाब, झील, नदी और तराई वाले इलाकों में पाए जाते हैं। जिले में यह पक्षी सबसे अधिक शाहबाद, बिलासपुर और मिलक क्षेत्र में रहते थे। ये खुले गीले मैदान पर रहना पसंद करते हैं। यह पक्षी हमेशा जोड़ा बनाकर रहते हैं। एक बार जोड़ा टूटने पर यह वापस कभी भी जोड़ा नहीं बनाता। 

उड़ने वाले पक्षियों में यह विश्व का सबसे बड़ा पक्षी है। पिछले छह वर्ष से राजकीय पक्षी सारस की घटती संख्या ने पर्यावरण और वन्य जीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी थी। लेकिन जिले में आठ सारस दिखाई देने से वन्य जीव प्रेमियों में खुशी है। डीएफओ राजीव कुमार बताते हैं कि पर्यावरणीय असंतुलन तथा पर्याप्त संरक्षण न मिलने के कारण सारस की संख्या घट रही थी। इसके अलावा मोबाइल टावर रेडिएशन व वनस्पतियों की घटती संख्या, औद्योगीकरण, केमिकल्स का प्रयोग पर्यावरण को प्रभावित कर रहा है। शिकारी भी सारस को मार देते हैं। जंगली जानवर व कुत्ते भी इनके लिए खतरा हैं। इसीलिए इनके संरक्षण के लिए जनसहयोग जरूरी है।

जिले में सारस की निगेहबानी में लगे बुद्धिजीवी और स्कूली बच्चे
जिले की तहसील मिलक में सारस के तीन जोड़े और शाहबाद में एक जोड़ा दिखाई देने पर वन्य जीव प्रेमियों में खुशी है। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि जिले में सारस के जोड़ों की निगेहबानी के लिए बुद्धिजीवी, शिक्षक और स्कूली बच्चे आगे हैं। वन के अलावा इन लोगों के द्वारा शिकारियों पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा जंगल में जाकर पतंग उड़ाने वालों पर भी सख्ती होगी क्योंकि, पिछले दिनों एक सारस पतंग के मांझे से कट गया था और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी।

सूबे में सारस पर खूब हुई सियासत
अमेठी में आरिफ द्वारा सारस की दोस्ती काफी चर्चाओं में रही। सारस और आरिफ की कहानी सोशल मीडिया पर देखी गई। सोशल मीडिया पर दोस्ती की इस कहानी को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी आरिफ और उस सारस से मिलने अमेठी गए और उनके साथ सेल्फी भी ली। अखिलेश यादव के इटावा से लौटने के बाद वन विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए थे और सारस को कब्जे में लेकर चिड़ियाघर भेज दिया था। वन विभाग की कार्रवाई के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकार वार्ता कर कहा कि सारस को इसलिए ले जाया गया क्योंकि उन्होंने आरिफ और सारस से मुलाकात की थी। इसके बाद सारस पर सूबे में सियासत तेज हो गई थी। 

छह सारस मिलक तहसील में और दो सारस शाहबाद तहसील में सारस गणना के दौरान मिले हैं। जल स्त्रोत बढ़े हैं। जिसके चलते सारस करीब छह साल बाद रामपुर में दिखाई दिए हैं। उम्मीद है कि अब जनपद में सारसों की संख्या बढ़ जाएगी। - राजीव कुमार, डीएफओ।

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