अयोध्या: बजट की बाट जोह रहे प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना में चयनित गांव
अयोध्या, अमृत विचार। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना जिले में परवान नहीं चढ़ पा रही है। बार बार गाइड लाइन चेंज होने का नतीजा है कि दो वित्तीय सत्रों के चयनित आदर्श गांव अभी बजट की ही बाट जोह रहे हैं। पहले के चयनित 30 गांवों में धेला भर नहीं मिला और वर्ष 2022-23 के और बीस गांव चयनित कर लिये गये।
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत पिछले दो वित्तीय सत्रों के कुल कुल 11 ब्लाकों के 30 गांव शासन स्तर से चयनित किए गए थे। गांव के विकास के लिए बकायदा सर्वे भी कराया गया था। इसमें ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं पर गौर करते हुए सर्वे में सामने आयी समस्याओं के आधार पर स्टीमेट तैयार होकर स्वीकृत के लिए भेज दिया गया था।
दलित बाहुल्य चयनित गांव के लोगों को आशा थी कि आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत गांव में और भी विकास कार्य होने से बेहतरीन स्थिति हो जाएगी। वैसे ग्राम पंचायत स्तर से गांवों में विकास कार्य संपादित होते हैं पर समाज कल्याण विभाग की ओर से इस योजना के अंतर्गत अपनी देख रेख में करीब 20 लाख रुपये की लागत से कार्यो का जो प्रारूप तैयार किया गया था उसमें धनराशि का इंतजार बना ही रहा।
धनराशि की डिमांड जब भी की गयी तब गाइड लाइन आड़े आ गयी। दो बार गाइड लाइन चेंज हो चुकी है। अब जो गाइड लाइन तय की गयी है उसमें गांव में सड़क खरंजा, सीसी रोड के कार्यौ को छोड़कर शेष कार्यो को सर्वे/प्रस्ताव में शामिल करने की बात कही गयी है।
गाइड लाइन के बदलाव के चक्कर में पहले के चयनित 30 गांव के बजट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर पहले के चयनित गांव को जहां बजट का इंतजार है तो वहीं दूसरी ओर नए और 20 गांव का चयन और किया गया है। अभी तक दोनों वित्तीय सत्रों में चयनित गांवों को बजट नहीं मिल सका है। जिला समन्वयक दीपक कुमार का कहना है सभी का प्रस्ताव भेजा गया है धनराशि का इंतजार है।
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