पटना जेल में कैदियों और जेल अधिकारियों के बीच झड़प, पूर्व विधायक ने हत्या की साजिश रचने का लगाया आरोप 

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पटना। पटना के बेउर केंद्रीय कारागार में रविवार को हुई झड़प में कम से कम चार कैदी और जेल अधिकारी घायल हो गए। घटना तब हुई जब दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक अनंत सिंह के नेतृत्व में कैदी प्रदर्शन कर रहे थे। 

मोकामा से पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि गत रात को उनके वार्ड को ‘जानबूझकर’ खुला छोड़ा गया था। उन्होंने दावा किया कि जेल परिसर में उनकी हत्या करने की साजिश रची जा रही है। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने मामले में जांच का आदेश देते हुए एक जेल अधिकारी को निलंबित कर दिया। 

उन्होंने बताया कि जेल परिसर में हंगामा करने के लिए स्थानीय पुलिस ने कुछ कैदियों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की है। जिलाधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को कहा,'' यह घटना रविवार को सुबह सात बजकर करीब 30 मिनट पर तब हुई जब लगभग 40 कैदी अनंत सिंह के नेतृत्व में जेल में प्रदर्शन करने लगे। सिंह ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड को गत रात जानबूझकर खुला छोड़ा गया था।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘जेल अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे कैदियों को शांत कराने की कोशिश की और जब वे नहीं माने तो अतिरिक्त बल भेजा गया। स्थिति को नियंत्रण में लाया जा रहा था और अधिकतर कैदियों को उनकी कोठरियों में भेज दिया गया। लेकिन, अनंत सिंह और अन्य 10 कैदियों ने विरोध जारी रखा। इसके बाद जेल अधिकारियों की उनके साथ झड़प हो गई और हल्का बल का प्रयोग करना पड़ा। कुछ कैदियों को जेल की अन्य कोठरियों में स्थानांतरित किया गया।’’ 

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी घायल कैदी और जेल के अधिकारी खतरे से बाहर हैं। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घायलों में अनंत सिंह शामिल हैं या नहीं। पिछले साल पटना की एक सांसद /विधायक अदालत ने पूर्व विधायक को वर्ष 2015 के एक मामले में 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद से सिंह बेउर सेंट्रल जेल में बंद हैं। पुलिस ने उनके आधिकारिक निवास स्थान से छह राइफल मैगजीन सहित कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद की थी। उनकी पत्नी नीलम देवी फिलहाल मोकामा से राष्ट्रीय जनता दल की विधायक हैं। 

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