22 मई का इतिहास : महिला पर्वतारोही बछेन्द्री पाल ने आज ही के दिन रचा इतिहास, जानें अन्य घटनाएं

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। इतिहास में 22 मई के दिन के नाम पर बहुत सी महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं। भारत की बछेन्द्री पाल 22 मई को ही दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर एवरेस्ट पर पहुंची थीं और यह कारनामा करने वाली वह देश की पहली महिला पर्वतारोही हैं।

पर्वतारोहण और साहसिक खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बछेन्द्री पाल को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। देश और दुनिया के इतिहास में 22 मई की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 

1772 : राजा राममोहन राय का जन्म। उन्हें भारतीय नवजागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक कहा जाता है।
1915 : प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इटली ने आस्ट्रिया, हंगरी तथा जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 
1936 : लार्ड ब्रेबॉर्न ने बम्बई (अब मुंबई) में ब्रेबॉर्न स्टेडियम की नींव रखी। यह देश का पहला स्टेडियम था। 
1960 : चिली के दक्षिणी तट पर आए सबसे बड़े भूकंपों में से एक में 5,700 लोगों की मौत हो गई और इससे समुद्र में उठी उग्र लहरों ने सुदूर प्रशांत इलाकों जैसे जापान और हवाई तक में तबाही मचाई। 
1963 : भारत के पहले ग्लाइडर रोहिणी ने उड़ान भरी।
1972 : पाकिस्तान द्वारा राष्ट्रमंडल की सदस्यता से त्यागपत्र। 
1972 : अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड एम निक्सन मास्को पहुंचे। यह किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की सोवियत संघ की पहली यात्रा थी। 
1984 : बछेन्द्री पाल दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। 
1988 : भारत ने स्वदेश में ही विकसित अन्तरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र अग्नि का सफल परीक्षण किया। 
1990 : उत्तरी एवं दक्षिणी यमन के विलय के साथ संयुक्त यमन गणराज्य का उदय।
2003 : अल्जीरिया में आये विनाशकारी भूकंप में दो हजार से अधिक लोग मारे गये।
2008 : संयुक्त राष्ट्र संघ की 47 सदस्यीय मानवाधिकार समिति में पाकिस्तान को शामिल किया गया। 
2021 : हिन्दी सिनेमा जगत के प्रसिद्ध संगीतकार रामलक्ष्मण का निधन। 
2024: नॉर्वे, आयरलैंड और स्पेन ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए फलस्तीन को बतौर देश मान्यता दी। 
2025 : तेलंगाना सरकार के विशेषज्ञ कार्य समूह ने जातिगत सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 243 उप-जातियों के बीच असमानताओं को मापने के लिए अपनी तरह का पहला 'समग्र पिछड़ापन सूचकांक' तैयार करने का निर्णय लिया।  

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