कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण का लें संकल्प: मुख्यमंत्री

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लखनऊ, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि पोषण की जागरूकता स्वस्थ समाज की कुंजी है। प्रदेश का हर बच्चा व गर्भवती महिला कुपोषण मुक्त होने के साथ ही स्वस्थ रहे। इसके तहत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल के उपयोग, स्वास्थ्य सजगता, पौष्टिक युक्त आहार के सेवन, साक्षरता, स्कूल चलो अभियान, नैतिकता और अच्छे …

लखनऊ, अमृत विचार। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि पोषण की जागरूकता स्वस्थ समाज की कुंजी है। प्रदेश का हर बच्चा व गर्भवती महिला कुपोषण मुक्त होने के साथ ही स्वस्थ रहे। इसके तहत स्वच्छता, शुद्ध पेयजल के उपयोग, स्वास्थ्य सजगता, पौष्टिक युक्त आहार के सेवन, साक्षरता, स्कूल चलो अभियान, नैतिकता और अच्छे संस्कारों को अपनाने विषयक कार्यक्रम प्रभावी रूप से चलाए जाएं। राष्ट्रीय पोषण माह -2020 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि पोषण के स्तर को बेहतर करने के लिए, जिनके पास गाय रखने का स्थान है और गाय पालने के इच्छुक हैं, उन्हे गाय उपलब्ध कराई जाए। प्रदेश के सभी जनपद सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि पोषण स्तर को सुधारने के लिए लोग गाय पालें। गाय के भरण-पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिमाह 900 रुपये भी प्रदान किए जाएं।

योगी ने कहा कि पोषण अभियान का उद्देश्य विभिन्न आयु वर्ग में व्याप्त कुपोषण की दरों में कमी लाना है। इसके लिए मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। 7 सितंबर से प्रारंभ हो रहे राष्ट्रीय पोषण माह-2020 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश, पोषण माह में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर सके, इस उद्देश्य के साथ सभी विभाग कार्य करें। गोरखपुर व आस-पास के क्षेत्रों में इंसेफेलाइटिस के दंश को हमने नियंत्रित किया है। यह एक सफलतम उदाहरण है। इससे सीखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी अभियान तभी सफल हो सकता है, जब उसमें जनता भी सहभागी हो। इस हेतु शासकीय अधिकारियों के अतिरिक्त जन-प्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों, स्वैच्छिक संस्थाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी अभियान से जोड़ा जाए, जिससे यह सही अर्थों में जनांदोलन बन सके एवं कुपोषण के स्तर में सुधार आ सके। समस्त जनपदों में डिजिटल पोषण पंचायतों का आयोजन किया जाए। पोषण पंचायत प्रत्येक परिवार तक पहुंचते हुए जागरूकता सृजित करेगी।

न्यूट्री गार्डन की स्थापना के दिए निर्देश
पोषण माह के अंतर्गत विशेष अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने न्यूट्री गार्डन की स्थापना के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सामुदायिक स्थानों के साथ-साथ प्रत्येक घर में फल, सब्जी तथा औषधीय पौधे लगाने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। भारत में आयुर्वेद की अत्यन्त प्राचीन एवं समृद्ध परंपरा है। अदरक, हल्दी, सहजन, बेल, आंवला, नीम, तुलसी, पुदीना आदि का भोजन में उपयोग करने से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे विभिन्न बीमारियां तथा वायरल संक्रमण से बचाव होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह शाक-सब्जियों एवं फलों के रोपण का उचित समय है। इसलिए ‘पोषण के लिए पौधे’ अभियान के अन्तर्गत किचन गार्डन का विकास प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। न्यूट्री गार्डन के माध्यम से सरकारी स्कूलों, आवासीय स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, ग्राम पंचायत की भूमि को प्राथमिकता प्रदान की जाए, जिससे गरीब परिवारों, बच्चों, महिलाओं को सीधे लाभ प्राप्त हो सके।

कुपोषण से ग्रस्त बच्चों के अभिभावकों से लिया हाल
मुख्यमंत्री ने बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती सहित पांच आकांक्षात्मक जनपदों में विभिन्न सुपोषण योजनाओं के लाभार्थी बच्चों के अभिभावकों से बच्चों का हाल लिया। योगी ने जन्म के समय और अब बच्चे के वजन, उम्र, ग्रोथ, सरकार द्वारा मिल रहे लाभ आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सभी के स्वस्थ जीवन की कामना की। बच्चों की माताओं ने अपने पाल्य की सेहत में अपेक्षित सुधार पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद भी दिया। योगी ने अभिभावकों को गोवंश पालन का सुझाव भी दिया।

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