Kannauj News : गैंगस्टर एक्ट में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद, कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया

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Edited By Amrit Vichar
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कन्नौज में गैंगस्टर एक्ट में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद।

कन्नौज में गैंगस्टर एक्ट में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपियों पर जुर्माना भी लगाया।

कन्नौज, अमृत विचार। करीब नौ साल पहले एक व्यक्ति का अपहरण करने, फिरौती लेने के बाद भी हत्या कर शव छिपाने के मामले में दो दोषियों को सजा सुनाई गई है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगा था। प्रकरण में दोषी पाए जाने पर दोनों अभियुक्तों को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी सेकेंड हरेंद्र नाथ ने पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके साथ ही पांच-पांच हजार का जुर्माना भी किया है।

शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि 28 जनवरी 2014 को नफीसुर हसन पुत्र तवारक हसन निवासी कुसुमखोर थाना कोतवाली कन्नौज ने कोतवाली में सुबह 11 बजकर पांच बजे गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। कहा कि उसका भाई नजीबुल हसन (28) जानवरों की बिक्री का धंधा करता है। 25 जनवरी को शाम छह बजे जानवरों की खरीद की बात कहकर गया था और जबसे नहीं लौटा। उसका मोबाइल भी बंद है।

जांच के दौरान अपहरण का मामला पाए जाने पर 30 जनवरी को मुकदमा अज्ञात के विरुद्ध तरमीम कर दिया गया। विवेचना में अभियुक्तगण विमलेश यादव, जगराम व साथी प्रकाश में आए। नामजदों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में उन्होंने फिरौती के लिए अपहरण, रकम लेने के बाद अपहृत को छोड़ने के बजाय उसकी हत्या कर शव छिपाने की बात स्वीकार की।

दोनों की निशानदेही पर फर्रुखाबाद के थाना कमालगंज के कटरी क्षेत्र से अपहृत की लाख बरामद हुई। इसके बाद मामले में अपहरण के बाद हत्या की धारा की भी बढ़ोतरी की गई। पर्याप्त साक्ष्य पए जाने पर 20 अप्रैल 2014 को गैंग लीडर विमलेश व जगराम के विरुद्ध आरोप पत्र प्रेषित किया गया।

गैंगस्टर एक्ट के दोनों अभियुक्तों विमलेश यादव व जगराम  यादव को दोषी पाते हुए एफटीसी द्वितीय कोर्ट के जज हरेंद्र नाथ ने 10-10 साल के कठोर कारावास व 5000-5000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

संगठित गिरोह बनाकर अपने वगैंग के सदस्यों तथा परिवार के भौतिक एवं आर्थिक लाभ के लिए किसी भी स्तर का जघन्य अपराध जैसे फिरौती हेतु हत्या कर देना आदि अभियुक्तों का पेशा  था। दोनों ग्राम उमराव नगला थाना कमालगंज जिला फर्रुखाबाद के रहने वाले हैं। शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि गैंगस्टर के मुकदमों में यदाकदा ही पूरी 10वर्ष की सजा होती है। इस मामले में मजबूत पैरवी से अभियुक्तों को सजा हुई।

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