बरेली: बुजुर्ग के लिए फरिश्ता बने पुलिसवाले, सीपीआर देकर बचाई जान

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। समाज में क्रूर नजरों से देखी जाने वाली पुलिस का एक मानवीय चेहरा भी है, इसकी मिसाल सेटेलाइट चौकी के दरोगा रामरतन और सिपाही रिंकू सिंह है। इन्होंने शिकायत लेकर आए एक बुजुर्ग हार्टअटैक पड़ने पर न सिर्फ तत्काल उसे भांप लिया, बल्कि सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देकर तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, इससे बुजुर्ग की जान बच गई। एसएसपी ने दोनों के लिए इनाम की घोषणा की है।

बारादरी इलाके की राधेश्याम कॉलोनी में रहने वाले 75 वर्षीय राजीव मोहन मंगलवार शाम करीब सात बजे सेटेलाइट चौकी शिकायत लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी कार एक व्यक्ति को बेची थी, लेकिन वह उसे अपने नाम नहीं करा रहा था। चौकी पर वह दरोगा रामरतन सिंह से बात कर रहे थे। इसी बीच उन्हें हार्टअटैक पड़ गया और वह कुर्सी पर निढाल होने लगे।

यह देख रामरतन सिंह ने सिपाही रिंकू सिंह को बुलाया और सीपीआर देना शुरू कर दिया। इसके बाद बिना समय गंवाए उन्हें ऑटो पीलीभीत रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए। रास्ते में भी वह उन्हें सीपीआर देते रहे। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उन्होंने राजीव मोहन के बेटे को सूचना दी। जब तक बेटा अस्पताल पहुंचा तब तक राजीव मोहन होश में आ चुके थे। दरोगा और सिपाही के इस कार्य की सभी लोग प्रशंसा कर रहे हैं।

वीडियो देखकर सीखा सीपीआर देना
दरोगा रामरतन सिंह ने बताया कि उन्होंने एक वीडियो देखा था। उसमें एक डॉक्टर ने बताया था कि यदि हार्टअटैक आए तो रोगी के बाईं भुजा के बीच में जोड़ पर तेजी से थपथपाना चाहिए। बीच-बीच में सीने पर भी हाथ मारते रहने से हृदय गति बढ़ जाती है।

दरोगा और सिपाही ने इंसानियत दिखाकर पुलिस बल का नाम रोशन किया है। दोनों पुलिस कर्मियों को एक-एक हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। - प्रभाकर चौधरी, एसएसपी

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