मध्य प्रदेश के उज्जैन का नागदा शहर बनेगा नया जिला, सीएम शिवराज सिंह ने की घोषणा
उज्जैन। गुरुवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा शहर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अद्वितीय सौगात देते हुए जिला बनाने की घोषणा की। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यहां आयोजित विकास पर्व के कार्यक्रम में नागदा को जिला बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसकी प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि जो तहसील नागदा जिले में शामिल होना चाहेगी, उन्हीं को इसमें शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्होंने उन्हेल को तहसील का दर्जा देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री नागदा में मुक्तेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित विकास पर्व एवं हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उन्हेल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण, नागदा के कन्या महाविद्यालय में कॉमर्स की कक्षा शुरू करने, नागदा में सीएम राइज स्कूल खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि नागदा क्षेत्र को नर्मदा का पानी दिया जाएगा और खाचरोद तहसील की हर मांग पूरी की जाएगी।
कार्यक्रम में श्री चौहान ने जैसे ही नागदा को जिला बनाने की घोषणा की मौजूद व्यक्तियों में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय नेताओं ने मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट पहनाया तथा चारों तरफ शिवराज सिंह की जय जयकार के नारे लगाए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए। मुख्यमंत्री एयर स्ट्रिप से लेकर नागदा के विभिन्न मार्गो से होते हुए रोड शो करते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। यहां उन्होंने कन्या पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
श्री चौहान ने कार्यक्रम में मौजूद बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि वे वचन देते हैं कि बहनों के प्यार उनके विश्वास को चाहे जान चली जाए टूटने नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे आपके परिवार के सदस्य हैं मुख्यमंत्री नहीं हैं। लाडली बहना योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके मन में सदैव महिलाओं की तकलीफ को लेकर दर्द था। गरीब बहने वक्त जरूरत परेशानी में रहती थी। उनके पास पैसे नहीं होते थे, छोटी मोटी बीमारी व बच्चों की किताबें कपड़ों के लिए भी परेशान हुआ करती थी।
उन्होंने कहा कि अब बहनों को किसी के आगे हाथ फैलाना नहीं पड़ेंगे । इसलिए लाडली बहना योजना लेकर आए हैं। श्री चौहान ने कहा कि उनकी बहने साल में एक बार राखी पर देने से काम नहीं चलता है। इसिलए साल में हर माह सभी को 1000 रुपए दे रहे हैं। जैसे ही पैसे की व्यवस्था होगी, इसको 1250 कर दिया जाएगा। फिर 3000 रुपए तक ले जाऊंगा। मेरी बहनों को प्रतिमाह हजार रुपए देने में सरकार के साल में 15000 करोड़ पर खर्च होंगे, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।
मेरी बहनों को मैं पैसा नहीं दे रहा हूं उन्हें उनका सम्मान लौटा रहा हूं। क्योंकि पैसा पास में रहता है तो हिम्मत रहती है। पैसा रहता है तो इज्जत भी बढ़ती है। मुख्यमंत्री ने सभा में मौजूद महिलाओं से पूछा कि बताओ घर में इज्जत बढ़ जाएगी कि नहीं। सभी मौजूद महिलाओं ने एक स्वर में ताली बजाकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। श्री चौहान ने कहा कि कुछ माह की पुरानी सरकार ने उनके द्वारा चलाई गई संबल योजना, कन्यादान योजना और ऐसी अनेक लोक कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया था।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना भी बंद कर दी थी। लेकिन अब फिर से इसको शुरू किया गया है और मैं अपने बुजुर्गों को हवाई जहाज से तीर्थ दर्शन करवा रहा हूँ। गरीब भाई बहन भी हवाई जहाज में घूमेंगे। श्री चौहान ने कहा कि किसान भाइयों को भी सिंचाई के लिए कहीं जाना नहीं पड़ेगा। नर्मदा का पानी भरपूर उन्हें मिलेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में 7.50 लाख हेक्टर में ही सिंचाई होती थी जिसको बढा कर 45 लाख हेक्टर कर दिया गया है, इसको 65 लाख हेक्टर तक लेकर जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों के समय सड़कों के हाल आपको पता ही है अब नागदा से उज्जैन इंदौर जाने में कितना समय लगता है। यह सभी लोग जानते हैं। बिजली उत्पादन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले 2800 मेगावाट बिजली बना करती थी आज हम 28000 मेगावाट बिजली पैदा कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली की जिम में दर्दनाक हादसा, ट्रेडमिल में उतरा करंट, बहुराष्ट्रीय कंपनी के प्रबंधक की मौत, जांच में जुटी पुलिस
