बिजनौर: भूख और गंभीर चोट लगने से हाथी की मौत, वन विभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर उठे सवाल
बिजनौर/नजीबाबाद, अमृत विचार। खेत के दलदल में फंसे हाथी को निकालने के लिए वन विभाग को 19 घंटे मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन हाथी को जिंदा बचाने में कामयाब नहीं हो पाया। भूख और गंभीर चोटों के चलते हाथी की मौत होना बताया जा रहा है। सच्चाई का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चल पाएगा। इतने समय बाद खेत के दलदल में फंसे हाथी को निकालने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बिजनौर में खेत के दलदल में फंसा हाथी, वन विभाग के रेस्क्यू ऑपरेशन का Video वायरल... @bijnorpolice @bijnorpolice_ #forestdepartment #elephant pic.twitter.com/H2161GQaEE
— Amrit Vichar (@AmritVichar) July 21, 2023
मंडावली थाना क्षेत्र के भागूवाला में भजनेवाला के समीप जंगल में राजगढ़ रेंज से निकलकर तीन हाथी किसानों के खेतों में जा घुसे। इनमें एक नर हाथी सुशील के धान खेत की दलदल में फंस गया। सूचना पर वन विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंची और रस्सियों के सहारे ट्रैक्टर और जेसीबी के माध्यम से हाथी को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। मौके पर पहुंचे डीएफओ आशुतोष पांडे ने लखनऊ से मदद की गुहार लगाई तो रेस्क्यू के लिए हरियाणा पहुंची आगरा की टीम को भेजा गया। जिसने गुरुवार रात्रि में हाथी को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन किया।
किसी तरह हाथी को दलदल से बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ दूरी पर चलने के बाद हाथी फिर से दलदल में फंस गया। जिसे कर्मचारियों ने दोबारा दलदल से बाहर निकाला तो हाथी की मौत हो गई। ग्रामीणों की माने तो दलदल में फंसे हाथी के लिए चारे की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी जो भूख के चलते कमजोरी महसूस कर रहा था। दलदल से बाहर निकालने के दौरान भी हाथी को काफी चोटें आई थी जिसे वह सहन नहीं कर पा रहा था।
वन विभाग ने हाथी के शव के पोस्टमार्टम के लिए देहरादून से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम बुलाई है जो चिकित्सीय परीक्षण कर रहे हैं। हाथी की मौत हो जाने पर वन विभाग की टीम पर तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में डीएफओ आशुतोष पांडे का कहना है कि हाथी का डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम कर रही है, जिसकी रिपोर्ट अगले दिन मिलेगी। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही हो पाएगा।
ये भी पढ़ें:- बिजनौर: पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
