Pakistan से आई सीमा, अंजू ने प्रेमी के लिए छोड़ दिया हिन्दुस्तान, अजब-गजब है दोनों की कहानी, पढ़ें- रोचक खबर

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Edited By Amrit Vichar
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पाकिस्तान पहुंची अंजू के जालौन स्थित ननिहाल में दिनभर बजती रही मोबाइल की घंटी।

पाकिस्तान पहुंची अंजू के जालौन स्थित ननिहाल में दिनभर बजती रही मोबाइल की घंटी। माधौगढ़ थाना क्षेत्र के कैलोर गांव में अंजू का ननिहाल है।

जालौन, अमृत विचार। पाकिस्तान गई अंजू की खबर जैसे ही वायरल हुई तो माधौगढ़ क्षेत्र का गांव कैलोर भी सुर्खियों में आ गया। देर रात से यहां के लोगों के मोबाइल फोन बजने लगे। हर कोई अंजू के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के लिए उतावला था। थाना पुलिस को भी हकीकत जानने के लिए आला अधिकारियों ने फोन किए तो पुलिस अलर्ट मोड में आ गई।

कैलोर की ओर स्थानीय पुलिस के साथ ही मीडिया कर्मी पहुंच गए। बात भले ही उसके अलबर राजस्थान की हो रही हो लेकिन उसका सीधा कनेक्शन यहां पर है। यूं कहें कि जन्म स्थली तो उसकी यहीं पर है। वह अपने नानी के घर ही जन्मी थी, यहीं पर उसकी परवरिश हुई और प्राथमिक पढ़ाई उसने यहीं की थी।

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जानकारी के अनुसार सीमा हैदर की प्रेम कहानी के बीच अंजू की लव स्टोरी सुर्खियों में है। सीमा पाकिस्तान से हिन्दुस्तान आई है तो अंजू हिन्दुस्तान से पाकिस्तान पहुंच गई। इसके पीछे की कहानी भले ही कुछ हो लेकिन आज हर कोई यही कह रहा है कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती। फिलहाल हम बात कर रहे है अंजू की जो इस समय पाकिस्तान में है।

उसका सीधा कनेक्शन जालौन जनपद के माधौगढ़ थाना क्षेत्र के गांव कैलोर से है। उसकी ससुराल और मायका के बाद कैलोर गांव है जो इस समय सुर्खियों में है, क्योंकि यहां पर उसका ननिहाल है। अंजू के पिता मध्य प्रदेश के टेकनपुर में थे उस समय मां सिलोचना अपने मायके में रहती थी। अंजू का जन्म कैलौर गांव में ही हुआ।

इतना ही नहीं यहीं पर मामा, मामी, नाना, नानी ने उसकी परवरिश की। कैलोर गांव की गलियों में खेलकर वह बड़ी हुई। इसके बाद वह अपने पिता के साथ रहने लगी। 16 वर्ष पूर्व उसकी शादी राजस्थान के अलवर में हो गई थी। इसके बाद से शादी विवाह में एक मर्तबा तो आई लेकिन बीते 13 वर्ष से उसका यहां पर कोई कनेक्शन नहीं है।

Anju Seema Haider

कक्षा छह तक कैलोर में पढ़ी अंजू

प्यार में डूबी अंजू पाकिस्तान में है। यहां पर उसके नाम के चर्चे हो रहे है। अंजू ने अपने बचपन के दिन अपनी ननिहाल माधौगढ़ कैलोर में व्यतीत किए। यहां पर उसने कक्षा छह तक की पढ़ाई की और इसके बाद वह अपने माता-पिता के साथ चली गई थी। उसके माता-पिता भिवाड़ी
 में रहते है। यहीं पर उसके एक मामा सुनील कुमार भी रहते है जो सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते है। चचेरे मामा रोशन लाल ने बताया कि अंजू ने यहां पर अपना बचपन व्यतीत किया है। 

अंजू ने किया था धर्म परिवर्तन

प्यार में पाकिस्तान पहुंची अंजू की कहानी लंबी है। अंजू के ननिहाल पक्ष के लोग बताते है कि उसने हिन्दू धर्म को छोड़ दिया था। उसने क्रिश्चियन धर्म अपना लिया था। जब से उसने यह धर्म अपनाया तभी से उसका ननिहाल आना जाना बंद हो गया था। यहां पर उसके ननिहाल पक्ष के लोग जो पहले हर शादी विवाह में उसे बुलाते थे सभी ने बंद कर दिया था। बीते 13 वर्ष से वह यहां पर नहीं आई थी।

गांव छोड़ कर माधौगढ़ रहने लगे नाना

पाकिस्तान जाकर सुर्खियों में आई अंजू के नाना सीताराम और नानी सुखदेवी ने कैलोर गांव से निकल कर माधौगढ़ में अपना आशियाना बना लिया था। इसके बाद से पूरा परिवार यहीं पर रहने लगा था। कैलोर गांव में अंजू के चचेरे मामा रहते है। सुनील और रोशन का कहना है कि अंजू सरल स्वभाव की थी और मृदुभाषी है।

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