Kanpur Murder: मदद के लिए चीखती रहीं मां-बेटी... ताबड़तोड़ वार करता रहा पति, अवैध संबंध के शक ने परिवार किया तबाह
कानपुर में पति ने पत्नी की हत्या।
कानपुर के फजलगंज थानाक्षेत्र में पति जब पत्नी और बेटी पर वार कर रहा था। उस दौरान वह मदद के लिए चीख रही थी। हालांकि मां की मौत हो गई, जबकि बेटी अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
कानपुर, अमृत विचार। फजलगंज थाना क्षेत्र के दर्शनपुरवा रामनगर में सनसनीखेज वारदात से हर कोई सन्न रह गया। प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसियों ने बताया कि जोर-जोर से मां-बेटी की चीखने-चिल्लाने की आवाज आ रही थी। उन लोगों को लगा कि अक्सर ही झगड़ा होता है, लेकिन जब बचाओ-बचाओ की आवाजें आईं और खिड़की से हाथ निकालकर वैष्णवी मदद की भीख मांगती दिखी तो दौड़कर पहुंचे।
वे लोग अपने कमरों से बाहर निकलकर जब खिड़की की पास पहुंचे तो वहां का मंजर देखकर रोंगटे खड़े हो गए। कमरे में अर्जुन के सिर पर खून सवार था। जमीन पर खून से लथपथ सोनी का शव पड़ा था। बेटी वैष्णवी को मारने के लिए वह तेजाब और चापड़ से वार कर रहा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। यह सुनते ही आरोपी ताला खोलकर भाग निकला।
इलाकाई लोगों का कहना है कि चाह कर भी वे लोग दोनों को नहीं बचा पाए। बेटी की हालत गंभीर बताई जा रही है। डीसीपी सेंट्रल ने आरोपी अर्जुन की गिरफ्तारी के लिए फोटो जारी किया है। पड़ोसियों ने यह भी बताया कि पति अर्जुन सिंह सप्ताह में दो दिन ही घर आता था। उसके न रहने पर एक अंजान व्यक्ति घर पर आता था। लोगों के पूछने पर सोनी उसे अपना दामाद बताती थी। लोगों ने आशंका जताई कि शायद उस व्यक्ति का महिला से अवैध संबंध था। पुलिस को इस बात की जानकारी है, लेकिन वह कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
एक साल से नहीं दिया था किराया
मकान मालकिन शकुंतला ने पुलिस को बताया कि अर्जुन दो वर्ष पूर्व उनके मकान में 4500 रुपये किराए पर रहने आया था। पिछले एक वर्ष से वह किराया नहीं दे रहा था। इस बात को लेकर आए दिन उनका उससे झगड़ा होता था। उसके मकान में चार परिवार और किराए पर रहते हैं, वह कभी भी किराया देने में देर नहीं करते थे।
नेपाल की जेल में बंद थे दो बेटे
पड़ोसियों ने बताया कि अर्जुन के बेटे अमित और सुमित उर्फ छोटू किसी मामले में नेपाल में जेल में बंद थे। कुछ समय पहले ही दोनों जमानत पर छूटकर आए थे। उन लोगों को पुलिस ने घटना की जानकरी दी है, वे लोग बहराइच से निकल चुके हैं। पुलिस के अनुसार पड़ोसियों ने बताया कि वे दोनों कोर्ट की तारीख गए थे।
किसी को पसंद नहीं था परिवार का स्वभाव
किराए पर रहने वाले अर्जुन व उसके परिवार को कोई भी पसंद नहीं करता था। पड़ोसियों ने बताया कि वे लोग रिजर्व रहते थे। आए दिन घर में इतनी कलह होती थी कि आसपास के लोग शोर सुनकर दरवाजे बंद कर लेते थे। अर्जुन का भी स्वभाव कतई अच्छा नहीं था। पत्नी के ऊपर शक करने पर के कारण परिवार की स्थिति खराब थी।
पुलिस के पहुंचने पर लोगों को लगी भनक
दर्शनपुरवा रामनगर की गली में लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे। इतने में ही आरोपी हत्यारा अर्जुन तेजी से दौड़ते हुए लोगों के सामने से भागा, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। कुछ ही देर में पुलिस को देखकर लोगों को माजरा समझ में आया। फोरेंसिक टीम और डीसीपी सेंट्रल के पहुंचने पर लोगों को इस जघन्य वारदात की जानकारी हुई, जिससे लोग सकते में आ गए।
