शाहजहांपुर: पुलिस चौकी में थर्ड डिग्री देने पर दरोगा और दो सिपाही निलंबित

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। महानगर में पुलिस की छवि को दागदार करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस ने मीट की दुकान से एक व्यक्ति को उठाकर पुलिस चौकी लाया गया। रस्सी से हाथ बांधकर उस पर डंडे बरसाए गए। डूंडा टूटा तो उसके ऊपर पट्‌टे बरसाए गए। पिटाई से व्यक्ति की हालत बिगड़ गई। शरीर का पिछला हिस्सा काला पड़ गया।

आरोप है कि थर्ड डिग्री देने के बाद पुलिस ने 20 हजार रुपये और आधार कार्ड लेकर पीड़ित को छोड़ा। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चौकी इंचार्ज दिनेश चंद्र और सिपाही ऋषिपाल अत्री और सुमित सैनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

चौक कोतवाली के मोहल्ला रोशनगंज निवासी ताराचंद्र ने एसपी को शिकायती पत्र दिया था कि मोहल्ला बजीरगंज में बाल्मीकि बस्ती में मीट की दुकान है। 23 जुलाई को सुबह आठ बजे उसके चाचा नंद कुमार दुकान पर मीट लेने के लिए आए थे। क्योंकि उनके यहां दसवां संस्कार में मीट बनता है। पुलिस उसकी दुकान पर आई और उसके चाचा नंदकुमार को पकड़कर चौकी पाकड़ पर ले गई। 

उसका आरोप है कि उसकी गुल्लक से सिपाहियों ने 13 हजार रुपये निकाल लिए थे। आरोप है कि चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों ने उसके चाचा को चौकी के अंदर मारा पीटा था। उसके चाचा से कहा सावन के महीने में जानवर काटेगा। आरोप है कि दरोगा ने 20 हजार रुपये और आधार कार्ड की फोटो कापी लेकर छोड़ा था। एसपी अशोक कुमार मीणा ने एएसपी सिटी सुधीर जायसवाल को जांच सौंपी थी। इधर कोई कार्रवाई न होने पर पीड़ित परिवार वालों ने मंगलवार की सुबह पुलिस चौकी पाकड़ का घेराव किया और नारेबाजी की। 

सीओ सिटी वीएस वीर कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक केवी सिंह चौकी पर पहुंचे। सीओ सिटी ने परिवार वालों को समझाया और कार्रवाई होगी। एएसपी सिटी जांच कर रहे है। एसपी अशोक कुमार मीणा ने रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक दिनेश चंद्र व सिपाही ऋषिपाल व सुमित सैनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कर दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

पुलिस चौकी में बेरहमी से पीटा
आरोप है कि दुकान के बाहर से पुलिस दुकानदार के चाचा नंदकुमार को उठाकर पुलिस चौकी पर ले गई। वहां चौकी प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने चौकी के अंदर दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए। उसके बाद दीवार से सटाकर उनको खड़ा करके पीछे से डंडे बरसाने शुरू कर दिए। इतना पीटा कि लाठी टूट गई। इतने से भी जब पुलिस का मन नही भरा तो पट्‌टे से पीटना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने आरोपी पुलिसकर्मियों से उसे छोड़ने की मिन्नतें कीं तब आरोपी पुलिसकर्मियों ने परिवार से 20 हजार रुपये और आधार कार्ड लेकर नंदकुमार को पुलिस चौकी से छोड़ दिया। तब तक नंदकुमार की हालत बहुत खराब हो चुकी थी। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मी उसको जातिसूचक गालियां भी देते रहे।

जांच में दोषी पाए जाने पर हुई कार्रवाई
एएसपी सिटी सुधीर जायसवाल ने बताया कि एसपी के निर्देश पर मामले की जांच की गई। मारपीट करने के मामले में संलिप्त रहने और सिपाही ऋषिपाल अत्री व सुमित सैनी को नंद कुमार के साथ अनावश्यक रूप से बल प्रयोग करने का दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट एसपी को प्रेषित की गई, जिसके आधार पर उन्होंने चौकी प्रभारी दरोगा दिनेश चंद्र व दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही का आदेश पारित किया है।

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